चेन्नई। उपभोक्ताओं को तेजी के साथ सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए डाक विभाग द्वारा राज्य के सभी डाकघरों को ऑनलाइन सुविधा से युक्त करने की योजना बनाई जा रही है। मौजूदा समय में कांउटर पर किए जाने वाले ज्यादातर कार्य पहले की तरह कागजों पर किए जाते हैं और बाद में उन्हें अपडेट किया जाता है। सारे कार्यों को ऑनलाइन करने के लिए तमिलनाडु डाक सर्कल ने कोर सिस्टम इंटिग्रेटर (सीएसआई) परियोजना शुरु करने का निर्णय लिया है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद डाक विभाग की सेवाओं का लाभ उठा रहे उपभोक्ताओं को अपने द्वारा भेजे गए डाक और पार्सल आदि को ट्रैक करने में आसानी होगी। उपभोक्ता अपने पार्सल को बुक करने के कुछ मिनटों बाद ही यह पता लगा सकंेंगे कि यह कब बुक हुई और कहां तक पहुंची है। इस परियोजना को सूचना तकनीक आधुनिकीकरण कार्यक्रम के तहत टाटा कंसल्टेंसी सेवा की मदद से अगले सप्ताह तमिलनाडु सर्कल के वेल्लूर मंडल में शुरु किया जाएगा। डाक विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस परियोजना शुरु करने के बाद डाक विभाग के कर्मचारियों का बोझ कम होगा और उन्हें एक ही कार्य को दोबारा करने की आवश्यकता नहीं होगी। इससे डाक विभाग के कार्यालयों में होने वाले कागजी कार्यों में भी कमी आएगी। अधिकारियों के अनुसार एक वर्ष मंे राज्य भर के डाकघरों में औसतन ३२.४१ करो़ड वस्तुओं को एक स्थान से दूसरे स्थान भेजा जाता है जिनमें पंजीकृत डाक, स्पीड पोस्ट और अन्य वस्तुएं शामिल होती है। इनमें से लगभग ४.६ करो़ड डाक और वस्तुओं को सिर्फ चेन्नई के पोस्ट ऑफिस से भेजा जाता है। चेन्नई सिटी क्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल आर आनंद ने इस संबंध मंे पत्रकारों को बताया कि इस परियोजना के तहत उपभोक्ताओं द्वारा की जाने वाली लेन-देन, मानव संसाधन और हिसाब-किताब से जु़डे सभी कार्यों को एकीकृत करने की योजना है। इसके पूरा होने के बाद विभिन्न डाकघरों को उनके कार्य के हिसाब से कर्मचारियों का आवंटन भी किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार मौजूदा समय में कई डाकघरों द्वारा यह शिकायत की जाती है कि उनके पास कार्य अधिक है और कर्मचारी कम। काम ऑनलाइन होने के बाद उनका बोझ कम होगा। इस परियोजना को तमिलनाडु डाक सर्कल द्वारा विभिन्न मंडलों के आधार पर लागू किया जाएगा। जो ४५ डाकघर वेल्लूर मंडल में हैं उन्हें सूचना तकनीक ढांचागत परियोजना के तहत एकीकृत किया जाएगा। इससे एक साथ ज्यादा मात्रा में सामान बुक कराने वाले उपभोक्ता अपने सामान को प्राप्त करने और उसे पहुंचाने के लिए उपयुक्त समय भी निर्धारित कर सकेंगे तथा डाक बिना किसी देरी के उपभोक्ताओं तक पहुंचेगा। ज्ञातव्य है कि राज्य में लगभग २,८३३ डाकघर हैं इनमें ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित उप-डाकघर भी हैं। इनमें से लगभग ६०० डाक घर चेन्नई सिटी क्षेत्र में स्थित हैं। शहरी क्षेत्रों में स्थित डाकघरों मंे इस परियोजना का विस्तार होने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित ९,३०० डाकघरों में भी चरणबद्ध तरीके से यह योजना शुरु की जाएगी।

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