कासगंज (उत्तर प्रदेश)। जिले में गणतंत्र दिवस पर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं द्वारा निकाली गई मोटरसाइकिल रैली पर शुक्रवार को हुए पथराव के बाद उत्पन्न तनाव अभी भी बना हुआ है और असामाजिक तत्वों ने आज भी कुछ दुकानों में तो़डफो़ड और आगजनी की। जिले में रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) और पीएसी के जवानों ने चौकसी बढा दी है। घटना को दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। इस बीच अपर पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) आनंद कुमार ने संवाददाताओं को बताया कि कुछ असामाजिक तत्वों ने शनिवार को शहर के बाहर एक छोटी दुकान में आग लगाने की कोशिश की। कुछ दुकानों में तो़डफो़ड भी की गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हालात काबू किए। कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है। उन्होंने कहा, कानून व्यवस्था बनाए रखने के अलावा हमारा प्रयास है कि समुदायों में परस्पर भाईचारा कायम रहे। उन्होंने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है और पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।कासगंज के पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार सिंह ने बताया कि असामाजिक तत्वों ने घंटाघर बाजार में जूतों की दो दुकानों को आग लगा दी। दमकल की गाि़डयों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। एक छोटी दुकान को भी आग लगाई गई। उपद्रवियों ने एक बस को भी क्षतिग्रस्त कर आग के हवाले कर दिया। मौके पर पहुंची दमकल की गाि़डयों ने आग पर काबू किया। इस बीच, राज्य के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) आनन्द कुमार के अनुसार धारा १४४ के उल्लघंन के आरोप में ३९ लोगों को गिरफ्तार किया गया। गौरतलब है कि तिरंगा यात्रा के दौरान दो सम्प्रदायों के बीच पथराव एवं फायरिंग में एक युवक की मृत्यु हो गई थी और दो लोग घायल हो गए थे। मृतक का क़डी सुरक्षा के बीच अंतिम संस्कार कर दिया गया। शहर में तनावपूर्ण शांति है। ब़डी संख्या में पुलिस बल तैनात है। मृतक के परिजनों को सरकार ने पांच लाख रुपऐ के मुआवजे की घोषणा की है। आगरा जोन के अपर पुलिस महानिदेशक अजय आनंद ने बताया कि कासंगज में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में हैं। पुलिस की गश्त जारी है। घटना के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान की जा रही है। इस संबंध में कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया गया है। शांति-व्यवस्था कायम करने के लिए दोनों पक्षों के लोगों से बातचीत की जा रही है। शहर में पीएसी,आरएएफ और पुलिस के ब़डी संख्या में जवान तैनात हैं। अधिकारी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। जिला प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र में शिक्षण संस्थानों को बंद रखने के पहले ही निर्देश दिए थे।

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