नई दिल्ली। मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जाव़डेकर ने कहा है कि अगर देश में शोध एवं अनुसंधान कार्य तथा नवोन्मेष को आत्मविश्वाश के साथ समर्पित तरीके से ब़ढावा दिया गया तो दस साल के भीतर भारत विश्व गुरु बन सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि पांच वर्ष के भीतर आई आई टी में छात्रों की संख्या करीब तिगुनी हो जाएगी। जावडेकर ने मंगलवार को यहां भारतीय प्रोद्योगिकी संसथान आईआईटी, दिल्ली में ’’सुमंत सिन्हा ऊर्जा एवं पर्यावरण उत्कृष्टता केंद्र’’ का उद्घाटन करते हुए यह बात कही। उन्होंने उच्च शिक्षा में शोध कार्यों को ब़ढावा देने की चर्चा करते हुए कहा कि हर साल एक ह़जार मेधावी छात्रों को ७५ ह़जार रुपए प्रतिमाह की प्रधानमंत्री छात्रवृति दी जाएगी। उन्होंने कहा कि शोध एवं अनुसंधान से चीजें सस्ती होती हैं और इससे बचत भी होती है। इतना ही नहीं इस से उत्पादन ब़ढता है और क्षमता भी ब़ढती है एवं नई चुनौतियों का सामना करना होता है। उन्होंने आईआईटी में ल़डकियों की भागीदारी की चर्चा करते हुए बताया कि वर्ष २०२२ तक आईआईटी में छात्रों की संख्या आठ प्रतिशत से बढाकर २२ प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने आईआईटी के छात्रों को अगले वर्ष होने वाले हैकथलन प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया। समारोह में आईआईटी दिल्ली के निदेशक वीराम गोपाल राव ने कहा कि उनके संसथान में शोध कार्यों में वृद्धि हुई है और विभिन्न एजेंसियों द्वारा प्रायोजित फंडिंग में सौ प्रतिशत की वृद्धि हुई है यानी अब यह ब़ढकर २५० करो़ड रुपए का हो गया है।

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