नई दिल्ली। देश के व्यापारियों के शीर्ष संगठन कॉऩ्फेडरेशन ऑ़फ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम की ठोस वकालत करते हुए कहा की देश में उपभोक्ता आंदोलन को मजबूती देने के लिए प्रस्तावित विधेयक को संसद के आगामी सत्र में पारित कराना जरूरी है। कैट ने यह भी कहा है कि इसके माध्यम से चर्चित हस्तियों को जो़ड कर उत्पाद के भ्रामक विज्ञापनों की समस्या का भी समाधाऩ किया जाना जरूरी है।कैट ने उपभोक्ता मामलों के केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान को एक ज्ञापन भेजकर यह मांग की है कि कुछ महीने पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं देश में उपभोक्ताओं को सुदृ़ढ करने एवं इस हेतु नए उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम को जल्द ही पारित कराने की बात एक अंतरराष्ट्रीय उपभोक्ता सम्मेलन में जोर शोर से कही थी। इस नाते से इस अधिनियम को संसद के चालू सत्र में पारित कराया जाना जरूरी है। कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीसी भरतिया एवं राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने एक बयान में कहा की सरकार यह आश्वासन देती रही है कि उपभोक्ता संरक्षण उसकी प्राथमिकता है और भ्रामक विज्ञापनों पर इसके माध्यम से क़डी कार्रवाई होगी और यह उपभोक्ताओं को यह विधेयक अधिकार संपन्न बनाएगा। कैट का कहना है कि अनेक कंपनियों द्वारा सेलिब्रिटीज को माध्यम बनाकर जिस तरह से भ्रामक विज्ञापन देकर उपभोक्ताओं को आकर्षित किया जाता है ओर इसमें सेलिब्रिटी की पूर्ण सहभागिता होती है, इस दृष्टि से व्यापार इस प्रकार के व्यवहार पर भी रोक लगाई जानी बहुत जरूरी है ताकि उपभोक्ताओं को ठगा न जा सके। ऐसे में भ्रामक विज्ञापन के लिए कंपनियों के अलावा ब्रांड एम्बेसडर को भी जिम्मेदार बनाना जरूरी है तभी न्याय हो पाएगा। कैट के अनुसार यह विधेयक केवल उपभोक्ताओं के लिए ही जरूरी नहीं है बल्कि देश में छोटे एवं सही तरीके से काम करने वाले व्यापारियों के हितों को भी संरक्षित करेगा और इससे निश्चित रूप से गलत तरीके के व्यापार पर रोक लगेगी।

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