नई दिल्ली। ’’उज्ज्वला’’ योजना के लाभार्थियों, तेल विपणन कंपनियों तथा योजना से जु़डे सभी हितधारकों को एक मंच पर लाने के प्रयास के तहत आज राष्ट्रपति भवन में पहली ’’प्रधानमंत्री एलपीजी पंचायत’’ की शुरुआत की गई। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सरकार की पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह पंचायत उज्ज्वला योजना की सफलता में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि गांव की महिलाएं जब चूल्हे पर कोयले या लक़डी का इस्तेमाल कर खाना पकाती हैं तो उसका धुआं उनकी आंखों और फेफ़डों को खराब कर देता है। उनकी आंखों की रौशनी तक चली जाती है। दमे की बीमारी होना आम बात है। उन्होंने कहा कि पारंपरिक चूल्हों पर खाना पकाते समय कभी-कभी दुर्घटना भी हो जाती है। कोविंद ने कहा, जो महिलाएं एलपीजी से वंचित हैं उन्हें धुएं का जहर पीना प़डता है। बेटियां बीमार तो प़डती ही हैं, जो समय वह खेलकूद, प़ढाई-लिखाई में लगा सकती हैं वह लकि़डयां एकत्र करने में चला जाता है। उन्होंने कहा कि एलपीजी पर खाना पकाने से न सिर्फ समय बचता है, बल्कि उस समय में दूसरे काम करने से परिवार की आमदनी भी ब़ढती है। राष्ट्रपति ने इस बात पर खुशी जाहिर की कि उज्ज्वला योजना के माध्यम से अब तक तीन करो़ड ४० लाख लाभार्थी महिलाओं के परिवार यानी १४-१५ करो़ड लोग इन तकलीफों से मुक्ति पा चुके हैं। इस योजना का लक्ष्य ब़ढाकर आठ करो़ड कनेक्शन करने से २५ से ३० करो़ड लोगों तक इसका लाभ पहुंच पाएगा। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति भवन से शुरुआत के बाद देश भर में ऐसी एक लाख ’’एलपीजी पंचायतों’’ का आयोजन किया जाएगा।’’एलपीजी पंचायत’’ में २७ राज्यों से आई १०४ महिलाएं शामिल हुईं। छत्तीसग़ढ की एक लाभार्थी ने कहा कि उज्ज्वला योजना के माध्यम से मौजूदा सरकार ने सभी महिलाओं को खुश कर दिया है। उन्होंने कहा, हम समय को नहीं खरीद सकते, लेकिन उज्ज्वला खरीदकर हमने समय को खरीद लिया है। बाद में कोविंद ने भी कहा कि यह वाक्य इस योजना का सारगर्भित वाक्य हो सकता है। कुल पांच महिलाओं ने मंच पर अपने विचार रखे। कर्नाटक की एक लाभार्थी ने बताया कि एलपीजी कनेक्शन मिलने के बाद से सेहत भी अच्छी है और सहूलियत भी है। अब उन्हें परिवार को देने के लिए ज्यादा समय मिल जाता है। सभी महिलाओं ने कहा कि एलपीजी कनेक्शन मिल जाने के बाद उन्हें परिवार तथा दूसरे काम के लिए समय मिल रहा है जिससे उनकी आमदनी भी ब़ढी है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि मौजूदा सरकार ने पिछले सा़ढे तीन साल में जो भी काम किया है उसके केंद्र में गरीब और ग्रामीण, विशेषकर महिलाएं हैं। उन्होंने कहा कि उज्ज्वला के माध्यम से करो़डों महिलाओं के स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है और उनके समय की बचत हो रही है। उज्ज्वला योजना की शुरुआत १ मई २०१६ को उत्तर प्रदेश के बलिया से हुई थी।

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