कोलकाता। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) महासचिव सीतराम येचुरी ने वर्ष २०१९ के आम चुनाव के लिए कांग्रेस के साथ गठबंधन के उनके प्रस्ताव को पोलित ब्यूरो में समर्थन नहीं मिल पाने के बाद अपने पद से इस्तीफा देने की पेशकश की है। येचुरी के इस्तीफे की पेशकश के बावजूद पोलित ब्यूरो ने कहा कि वह पद नहीं छो़ड सकते। सूत्रों ने बताया कि येचुरी ने केंद्रीय कमेटी की तीन दिवसीय बैठक के दौरान अपने इस्तीफे की पेशकश की थी जिससे पार्टी की आंतरिक कलह सामने आ गई है। उन्होंने पहले कांग्रेस के साथ गठबंधन का प्रस्ताव रखा और जब उसे पर्याप्त समर्थन नहीं मिला, उन्होंने इस्तीफे की पेशकश कर दी। इस बैठक का समापन रविवार को हुआ। येचुरी का मानना है कि वर्ष २०१९ के चुनाव में भाजपा को पराजित करने के लिए वाम दलों और कांग्रेस समेत सभी लोकतांत्रिक ताकतों को एकजुट होना होगा। माकपा महासचिव का कहना है कि कांग्रेस के साथ गठबंधन के बगैर भाजपा को हराने का कोई रास्ता नहीं है।लाभ का पद मामले में राष्ट्रपति को चुनाव आयोग की सिफारिश के खिलाफ आम आदमी पार्टी (आप) के २० विधायकों की दिल्ली उच्च न्यायालय में दायर याचिका को सोमवार को वापस ले लिया गया। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने २० विधायकों को लाभ पद मामले में अयोग्य ठहराए जाने पर चुनाव आयोग की सिफाारिश को रविवार को मंजूरी दे दी थी। चुनाव आयोग की सिफारिश को राष्ट्रपति की स्वीकृति मिल जाने के बाद इस याचिका का कोई अर्थ नहीं रह गया था। इसे देखते हुए विधायकों ने इस याचिका को वापस ले लिया। इस मामले में अब नई याचिका दायर किए जाने की बात है। उधर इस मामले में जो मूल याचिका न्यायालय में दायर की गई थी उस पर सुनवाई जारी रहेगी।

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