अहमदाबाद। विश्व हिंदू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रवीण तोगि़डया के मुठभे़ड की आशंका व्यक्त करने के उपरांत पाटीदार आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल ने मंगलवार को उनसे मुलाकात की। तोगि़डया सोमवार लापता हो गए थे और बाद में बेहोशी की हालत में पाए गए थे। हार्दिक ने मुलाकत के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि तोगि़डया के खिलाफ साजिश रची जा रही है। उन्होंने कहा कि साजिश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष अमित शाह रच रहे हैं। सोमवार को लापता होने के बाद हार्दिक ने कई ट्वीट कर एक तरफ जहां तोगि़डया का समर्थन किया था वहीं मोदी और भाजपा पर निशाना भी साधा था। ट्वीट में पाटीदार नेता ने लिखा डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार में प्रवीण तोगि़डया अगर लापता हो जाते, तो भाजपा पूरे देश में हिंसा कर देती। भक्तों को जो बोलना है वे बोल सकते हैं क्योंकि इस मुद्दे पर अगर नहीं बोले तो साहब तनख्वाह नहीं देंगे। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के नेता प्रवीण तोगि़डया ने मंगलवार को आरोप लगाया कि कुछ लोग उनकी आवाज को दबाने की कोशिश कर रहे हैं और उन्हें एक पुलिस मुठभे़ड में मारने की साजिश रची गई थी। गौरतलब है कि विहिप नेता सोमवार को कुछ समय के लिए लापता हो गए थे। उन्होंने कहा कि वह छिप गए थे क्योंकि उन्हें डर था कि पुलिस उन्हें एक मुठभे़ड में मार देगी। उन्होंने कहा कि उन्हें राम मंदिर, किसानों तथा गो वध जैसे मुद्दों पर बोलने नहीं दिया जा रहा है। तोगि़डया ने दावा किया, एक दशक पुराने मामले को लेकर मुझे निशाना बनाया जा रहा है, यह मेरी आवाज को दबाने की कोशिश है। राजस्थान पुलिस मुझे गिरफ्तार करने आई थी। किसी ने मुझे बताया कि एक मुठभे़ड में मुझे मारने की साजिश रची जा रही है। तोगि़डया ने कहा कि मैंने कोई अनैतिक काम नहीं किया है। मैं कानून का पालन करूंगा। मेरा जीवन रहे या न रहे, मैं राम मंदिर गोरक्षा के लिए अकेला ल़डना प़डे तो ल़डता रहूंगा। उन्होंने कहा न्यायालय में आत्मसमर्पण करके न्यायपत्र का आदर करूंगा। तोगि़डया ने पत्रकारों से कहा कि उन्हें सोमवार सुबह एक कार्यकर्ता ने बताया कि गुजरात और राजस्थान पुलिस उनका एनकाउंटर कर सकती है। इसके बाद जब उन्हें पता चला कि पुलिस आ रही है तो वह अपनी जेड प्लस सुरक्षा के एक गार्ड को बता कर कार्यालय से एक कार्यकर्ता के साथ उनके घर पहुंचे। उन्होंने रास्ते में राजस्थान के गृह मंत्री और मुख्यमंत्री से पता कराया तो उन्हें उनके वारंट का पता नहीं था। इसके बाद उन्होंने अपने लोकेशन को छुपाने के लिए सभी फोन स्विच ऑफ कर दिए। बाद में उन्होंने अपने एक कार्यकर्ता के फोन से वकीलों से बात की। मुठभे़ड की आशंका और कानून के पालन के लिए वकीलों की सलाह पर उन्होंने गुपचुप राजस्थान के जयपुर जाकर अदालत में वारंट रद्द कराने अथवा समर्पण की योजना बनाई और अकेले ही शॉल ओ़ढ कर ऑटो रिक्शा में बैठ कर हवाई अड्डे के लिए निकले पर पसीना और चक्कर आने के चलते उन्होंने ऑटो रिक्शा से उन्हें बापूनगर के एक अस्पताल ले जाने को कहा और फिर बेहोश हो गए। इसके बाद जब उन्हें होश आया तो उन्होंने खुद को एक अन्य अस्पताल में पाया। तोगि़डया के खिलाफ राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले के गंगापुर शहर की एक अदालत ने लगभग एक दशक पुराने निषेधाज्ञा के उल्लंघन के एक मामले में गिरफ्तारी वारंट जारी किया था जिसको लेकर वहांं की पुलिस सोमवार को यहां उनके आवास पर आई थी। पर उनके नहीं मिलने पर वह लौट गई थी। लगभग इसी समय दिन के पौने ग्यारह बजे से वह लापता हो गए थे। इसको लेकर विहिप ने खासा हंगामा किया था। पुलिस की क्राइम ब्रांच ने उन्हें ढूंढने के लिए एक विशेष टीमे गठित की थी। बाद में रात नौ बज कर २० मिनट पर वह बेहोश अवस्था में शहर के कोतरपुर इलाके से मिले और उन्हें शाहीबाग के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी रक्त शर्करा कम होने से वह बेहोश हुए थे।

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