नई दिल्ली। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जाव़डेकर ने सोमवार को कहा कि राष्ट्रीय शैक्षणिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी)का पाठ्यक्रम अगले दो से तीन वर्षों में कम कर दिया जाएगा और इसी हफ्ते इस पर लोगों की राय मांगी जाएगी। जाव़डेकर ने यहां प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि मंत्रालय की ओर से आयोजित छह कार्यशालाओं तथा राज्यों के शिक्षा विभाग के अधिकारियों की उच्च स्तरीय बैठकों में यह बात उभरकर आई कि देश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जानी चाहिए। मंत्रालय ने एनसीईआरटी से मौजूदा पाठ्यक्रम की समीक्षा करके यह फैसला करने को कहा कि इसमें से क्या हटाया जा सकता है और क्या रखा जा सकता है? जाव़डेकर ने बताया कि मंत्रालय इस विषय पर शिक्षकों, अभिभावकों, शिक्षाविदों तथा छात्रों और अन्य पक्षकारों की राय जानने के लिए इसे इसी हफ्ते वेबसाइट पर डालेगा। उन्होंने बताया कि दो माह के बाद वह इन सुझावों की समीक्षा करेंगे और पाठ्यक्रम कम करने के लिए जरूरी कदम उपाय करेंगे। जाव़डेकर ने कहा कि इन बैठकों में ब़डी संख्या में गैर सरकारी संगठनों, शिक्षाविदों, प्रधानाचार्यों और शिक्षकों तथा सरकारी अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इनमें यह बात उभरकर सामने आयी कि ज्यादा से ज्यादा सूचनाएं देना शिक्षा नहीं है क्योंकि विद्यार्थी डाटा बैंक या शब्दकोष नहीं हैं।

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