नई दिल्ली। स़डक परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सुरक्षित स़डकों के डिजाइन और निर्माण के लिए स्वदेशी नियमावली को समय की जरूरत बताते हुए कहा कि इंडोनेशिया जैसे देश हमसे दशकों पहले इस तरह के अपने मैन्युल तैयार कर चुके हैं। गडकरी ने व्यापक शोध के आधार पर तैयार सुरक्षित राजमार्गों के विकास के लिए देश के पहले ’’राजमार्ग क्षमता मैन्युअल’’ को जारी करते हुए कहा कि स़डक इंजीनियरिंग और नीति का मैन्युअल हमारे यहां अब तैयार हुआ है जबकि इंडोनेशिया में इस तरह का मैन्युअल वर्ष १९९६ में ही बन गया था। इसी तरह से अमेरिका, चीन, मलेशिया, ताइवाइन आदि देशों ने राजमार्ग क्षमता विकास के अपने मैन्युअल बहुत पहले तैयार कर लिए थे। हमारे यहां पहली बार मैन्युअल तैयार किया गया है। भारतीय राजमार्ग क्षमता मैन्युअल को वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद के तहत आने वाले केंद्रीय स़डक शोध संस्थान (सीएसआईआर-सीआरआरआई) के विशेषज्ञों ने देश के विभिन्न हिस्सों में छोटी, ब़डी, एक लेन, दो लेन तथा इससे ज्यादा लेने वाली विभिन्न स़डकों पर संचालित यातायात को लेकर व्यापक शोध के आधार पर तैयार किया है। इस शोध में देश की तीन प्रमुख आईआईटी रु़डकी, गुवाहाटी तथा मुंबई के साथ ही चार अन्य प्रमुख संस्थानों एसपीए नई दिल्ली, एसवीपीएनआईटी सूरत, अन्ना विश्वविद्यालय चेन्नई और आईआईईएसटी शिवपुर भी शामिल रहे हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश में जितनी स़डक दुर्घटनाएं होती हैं उनमें ८० प्रतिशत की वजह स़डकों के निर्माण के लिए परियोजना रिपोर्ट की खामियां जिम्मवार होती हैं। वाहन चालक सभी दुर्घटनाओं के लिए जिम्मेदार नहीं होता, इसकी वजह परियोजना रिपोर्ट की ग़डब़डी होती है।

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