श्रीनगर/नई दिल्ली। कश्मीर में पहली बार स्थानीय लोगों ने आतंकियों पर पत्थर फेंके। इनमें अल कायदा की कश्मीर यूनिट का सरगना जाकिर मूसा भी शामिल था। ये आतंकी त्राल के नूरपुरा में एक बैंक लूटने आए थे। लोगों ने जब आतंकियों पर पत्थर फेंके तो आतंकियों ने उन पर फायरिंग की। हालांकि, आतंकी करीब एक लाख लूटकर भागने में कामयाब हो गए। लूट की घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। शुरुआती जांच और सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक, जाकिर मूसा अपने दो साथियों के साथ बैंक लूटने घुसा था। आतंकियों ने ९७ हजार रुपए लूटे। पुलिस ने बताया कि इन आतंकियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है। त्राल जम्मू-कश्मीर के पुलवामा इलाके में आता है। अवंतीपोरा के एसपी जाहिद मलिक के मुताबिक घटना सोमवार की है। कश्मीर में पहली बार स्थानीय लोगों ने आतंकियों पर पत्थर फेंके। इनमें अल कायदा की कश्मीर यूनिट का सरगना जाकिर मूसा भी शामिल था। ये आतंकी त्राल के नूरपुरा में एक बैंक लूटने आए थे। लोगों ने जब आतंकियों पर पत्थर फेंके तो आतंकियों ने उन पर फायरिंग की। हालांकि, आतंकी करीब एक लाख लूटकर भागने में कामयाब हो गए। लूट की घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। शुरुआती जांच और सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक, जाकिर मूसा अपने दो साथियों के साथ बैंक लूटने घुसा था। आतंकियों ने ९७ हजार रुपए लूटे। पुलिस ने बताया कि इन आतंकियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है। त्राल जम्मू-कश्मीर के पुलवामा इलाके में आता है। अवंतीपोरा के एसपी जाहिद मलिक के मुताबिक घटना सोमवार की है। दक्षिणी कश्मीर के कुलगाम जिले में सुरक्षा बलों के साथ मुठभे़ड में मारे गए तीनों आतंकवादियों ने ही गत जुलाई में अमरनाथ यात्रा पर हमले को अंजाम दिया था। पुलिस महानिदेशक एसपी वैद्य ने बताया कि श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर सोमवार को सुरक्षा बलों के साथ हुए मुठभे़ड में तीन आतंकवादी मारे गए। मृत आतंकवादियों की पहचान फुरकन और अबू माविया के रूप में की गई है जबकि एक अन्य स्थानीय आतंकवादी है। फुरकन पाकिस्तानी आतंकवादी था, जिसे लश्करे तैयबा का डिवीजनल कमांडर बनाया गया था। इन्ही तीनों ने ही अमरनाथ यात्रियों की बस पर हमला किया था।डॉ. वैद्य ने मुठभे़ड की जानकारी देते हुए बताया कि सेना का काफिला जम्मू से श्रीनगर जा रहा था। इसी दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग पर बोनगाम के समीप आतंकवादियों ने हमला कर दिया। हमले में तीन जवान घायल हो गए। बाद में आतंकवादी वहां से भाग निकले और पास ही एक मकान में छुप गए। आतंकवादियों के भागने के प्रयास को विफल करने के लिए सुरक्षा बलों ने तत्काल इलाके की घेराबंदी कर दी। आतकंवादियों ने समर्पण किए जाने से इंकार करते हुए मकान के भीतर से गोलीबारी शुरू कर दी। उन्होंने बताया कि समर्पण से इंकार करने और स्वाचालित हथियारों से लगातार गोलीबारी होता देख मकान को विस्फोट से उ़डा दिया गया, जिससे तीन आतंकवादियों की मौत हो गई जबकि एक आतंकवादी को घायलावस्था में गिरफ्तार कर लिया गया।

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