नई दिल्ली/वार्ताउपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने लोगों को सस्ती और वैकल्पिक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए होम्योपैथी को जन जन तक पहुंचाने की जरुरत बताई है। नायडू ने ’’विश्व होम्योपैथी दिवस’’ पर मंगलवार को यहां एक कार्यक्रम में अपने सम्बोधन में कहा कि सभी लोगों को होम्योपैथी को दूर दराज के स्थानों तक पहुंचाने में मदद करनी चाहिए जिससे लोग सस्ती चिकित्सा पद्धति का लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा कि होम्योपैथी १८ वी सदी की महत्वपूर्ण खोज है जिसके लिए डॉ. हनीमैन का आभार जताया जाना चाहिए जिन्होंने यह वैकल्पिक चिकित्सा पद्धति दी। उपराष्ट्रपति ने कहा कि होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति से बीमारियों के इलाज पर कम खर्च आता है और इसका कोई ’’साइडइफैक्ट’’ नहीं है। इस चिकित्सा पद्धति ने जर्मनी अमेरिका इंगलैंड और भारत में एक लहर पैदा की है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिको और अनुसंधानकर्ताओं को होम्योपैथी को और प्रभावशाली बनाने के लिए योगदान करना चाहिए। इसके साथ ही रसायन, बायोजेनेटिक और औषधि विशेषज्ञों को इसके अनछूये पहलूओं को उजागर करना चाहिए। नायडू ने कहा कि देश के अनेक प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर होम्योपैथी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध है। केन्द्र सरकार के आयुष औषधालयों में से ३० प्रतिशत में होम्योपैथी की सुविधा उपलब्ध है। देश में २.८ लाख होम्योपैथी चिकित्सक हैं। उन्होंने कहा कि स्वस्थ्य भारत अभियान से स्वस्थ और समृद्ध भारत बनेगा

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