नई दिल्ली। ‘हनी ट्रैप’’ के मामले में एक और सेना अधिकारी को हिरासत में लिया गया है। सूत्रों के मुताबिक, हनी ट्रैप का यह मामला जबलपुर में ५०६ आर्मी बेस वर्कशॉप से जु़डा हुआ है। सेना की काउंटर इंटेलिजेंस विंग ने लेफ्टिनेंट कर्नल रैंक के आर्मी अधिकारी को मध्य प्रदेश के जबलपुर से हिरासत में लिया है। हिरासत में लिए गए इस लेफ्टिनेंट कर्नल पर गोपनीय दस्तावेज लीक करने का आरोप लगा है। इससे पहले ९ फरवरी को दिल्ली पुलिस ने वायुसेना के ग्रुप कैप्टन अरुण मारवाह को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसिस इंटेलिजेंस (आईएसआई) को गोपनीय सूचनाएं देने के आरोप में गिरफ्तार किया था। सेना संबंधी गोपनीय जानकारी कथित तौर पर शत्रु को पहुंचाने के मामले में यहां सेना की वर्कशॉप में पदस्थ लेफ्टिनेंट कर्नल स्तर के एक अधिकारी को लखनऊ से आए सेना के वरिष्ठ अधिकारियों का दल अपने साथ ले गया है। सूत्रों के अनुसार लखनऊ से सेना के अधिकारियों का एक दल सोमवार की रात यहां पहुंचा और उसने संबंधित लेफ्टिनेंट कर्नल से बातचीत की। इसके बाद उसके घर और कार्यालय की प़डताल की। सेना के अधिकारियों का दल मंगलवार को संबंधित अधिकारी को अपने साथ ले गया है। बताया गया है कि सेना के इस अधिकारी को एक महिला ने कथित तौर पर अपने जाल में फंसा लिया था। यह महिला पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर सर्विसेस इंटेलीजेंस (आईएसआई) की बताई गई है। अधिकारी कथित तौर पर छह माह से अधिक समय से महिला के संपर्क में था और हाल में उसके बैंक खाते में ब़डी रकम का लेनदेन हुआ। इसके बाद से वह भारतीय सेना के इंटेलीजेंस विंग के अधिकारियों की नजर में आ था। जबलपुर में सेना संबंधी अनेक संस्थान स्थित हैं। छानबीन से पता चला था कि मामले की शुरुआत फेसबुक चैटिंग से हुई थी। पाकिस्तानी एजेंट उससे फेक फेसबुक अकाउंट के जरिए बातचीत करती थी। महिला एजेंट ने रंजीत को जॉब ऑफर करने के बहाने संपर्क किया था। दोनों के बीच बातचीत फेसबुक, स्काइप और वॉट्सऐप पर हुई थी। इस दौरान रंजीत ने ऐसी कई खुफिया जानकारियां एजेंट को दे दीं।

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