नई दिल्ली। अपनी शुरुआत के साथ ही ‘आधार’ कई वजहों से चर्चा में रहा है। अब इसे लेकर एक और विवाद शुरू हो गया है, जिसे ट्विटर पर काफी लोगों ने पोस्ट किया। इसे लोगों ने चिंताजनक माना और यूआईडीएआई से इसका जवाब मांगा है। यूजर्स ने ट्विटर पर यह जानकारी साझा की और ‘आधार’ से जुड़ी चिंताएं जाहिर की हैं। इसके बाद यह ट्विटर के ट्रेंड में आ गया।

दरअसल यह सब एक ​ट्वीट के बाद शुरू हुआ, जिसके मुताबिक लोगों के मोबाइल फोन में यूआईडीएआई कथित तौर पर बाय डिफाल्ट सेव हो गया। इलियट एल्डरसन नामक यूजर ने ट्वीट कर सवाल किया- क्या आपकी कांटेक्ट लिस्ट में यूआईडीएआई बाय डिफाल्ट है? इसके बाद एक अन्य यूजर ने स्पष्टीकरण दिया कि यह अपने मोबाइल फोन में आधार एप डाउनलोड करने की वजह से हो सकता है। उसने लिखा कि जब आप आधार एप मोबाइल में डाउनलोड करते हैं तो यह अपने आप कांटेक्ट लिस्ट में सेव हो जाता है। यूजर ने सवाल किया- अगर नंबर कांटेक्ट लिस्ट में सेव है तो इसमें क्या समस्या है?

UIDAI in Mobile Phone
UIDAI in Mobile Phone

हालांकि दूसरे लोग इतने भर से संतुष्ट नहीं हुए। इस पर कहा गया- जिनके मोबाइल में एम-आधार इंस्टॉल नहीं है, उनकी कांटेक्ट लिस्ट में भी यह सेव है। ट्विटर पर यह बात जंगल की आग की तरह फैल गई। उसके बाद काफी लोगों ने अपनी कांटेक्ट लिस्ट खंगाली और यह जानकार हैरान रह गए कि वहां सच में यूआईडीएआई नंबर पहले से सेव था। उन्हें अब तक इसके बारे में कोई जानकारी नहीं थी।

UIDAI in Mobile
UIDAI in Mobile

फिर लोगों ने इस पर सवाल किए और उनकी बिना अनुमति किसी नंबर के यूं सेव होने को ठीक नहीं माना। उन्होंने इसे चौंका देने वाला अनुभव बताया। कुछ लोगों ने बताया कि उन्होंने कभी यह नंबर सेव नहीं किया था। फिर यह कैसे सेव हो गया? किसी अन्य चर्चित विषय की तरह इस पर भी जॉक बनने लगे। इसे ‘जादू’ कहा जाने लगा। मगर यह सवाल अब भी कायम है कि इतनी बड़ी तादाद में लोगों के मोबाइल फोन में कोई नंबर अपने आप कैसे सेव हो सकता है? क्या आपने अपना मोबाइल चेक किया? अगर नहीं, तो एक बार जरूर कीजिए।

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