Somnath Chatterjee
Somnath Chatterjee

कोलकाता। पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी का सोमवार को निधन हो गया। वे ​89 साल के थे। चटर्जी दो दिनों से वेटिंलेटर पर थे। वे दिल का दौरा पड़ने के बाद अस्पताल में भर्ती थे। पिछले माह उन्हें मस्तिष्काघात भी हुआ था। चटर्जी ने राजनीति में लंबी पारी खेली थी। वे 10 बार सांसद रहे थे। उनके पिता निर्मलचंद्र चटर्जी का नाम पश्चिम बंगाल के मशहूर वकीलों में शुमार था। उनका रुझान हिंदू महासभा की ओर था, लेकिन सोमनाथ चटर्जी ने अपना राजनीतिक ​करियर सीपीआईएम के साथ शुरू किया।

चटर्जी पहली बार 1971 में लोकसभा सदस्य बनकर संसद पहुंचे। वे 10 बार लोकसभा सदस्य के तौर पर संसद में सक्रिय रहे। वे 1968 में सीपीआईएम से जुड़े और 2008 तक यह रिश्ता बरकरार रहा। हालांकि सोमनाथ चटर्जी ने राजनीति में कई मुश्किल दौर भी देखे थे। पश्चिम बंगाल के इस दिग्गज राजनेता को एक बार हार का मुंह भी देखना पड़ा था।

तब उनके खिलाफ ममता बनर्जी मैदान में थीं, जो वर्तमान में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री हैं। वर्ष 1984 में लोकसभा चुनाव में उनका मुकाबला ममता से था। वे जादवपुर सीट से खड़े हुए थे। जब नतीजे आए तो सब हैरान रह गए, क्योंकि सोमनाथ चटर्जी हार गए थे।

पिछले कुछ दिनों से उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं था। उन्हें किडनी की बीमारी भी थी। तबीयत ज्यादा खराब होने पर उन्हें 10 अगस्त को अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनके निधन की खबर फैलते ही समर्थकों में शोक की लहर दौड़ गई। चटर्जी यूपीए-1 सरकार (2004-2009) में लोकसभाध्यक्ष थे। उस समय उनका अपनी ही पार्टी से टकराव हो गया था। दरअसल सीपीआईएम ने सरकार से समर्थन वापसी की घोषणा कर दी और चटर्जी से लोकसभाध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने पार्टी नेताओं की बात नहीं मानी। तब पार्टी ने उन्हें निकाल दिया था। चटर्जी को श्रद्धांजलि देने के लिए काफी संख्या में लोग उमड़ रहे हैं।

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