नई दिल्ली/एजेन्सीएससी-एसटी ऐक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ आयोजित भारत बंद के दौरान हुई हिंसा के बाद पहली बार प्रधानमंत्री मोदी ने परोक्ष रूप से अपनी बात रखी है। दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान बोलते हुए मोदी ने कहा कि आंबेडकर को राजनीति में घसीटने की बजाय उनके दिखाए गए रास्ते पर चलने की जरूरत है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आंबेडकर को जितना सम्मान उनकी सरकार ने दिया, किसी और सरकार ने नहीं दिया। इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मोदी पर हमला बोलते कहा था कि वह दलितों, आदिवासियों के खिलाफ हो रहे अत्याचारों और – ऐक्ट को ’’शिथिल’’ बनाये जाने जैसे मुद्दों पर एक भी शब्द क्यों नहीं बोल रहे हैं।दो अप्रैल को दलित और पिछ़डी जातियों के संगठनों ने भारत बंद का आह्वान किया था। इस दौरान व्यापक हिंसा हुई और १२ लोगों की मौत हो गई। दलित संगठन और विपक्ष केंद्र सरकार पर एससी-एसटी ऐक्ट को कमजोर करने की साजिश का आरोप लगा रहे हैं। हालांकि केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में एससी-एसटी ऐक्ट के फैसले के खिलाफ में रिव्यू पिटिशन दाखिल की थी लेकिन सर्वोच्च अदालत ने स्टे नहीं दिया। इस मसले पर घिरी मोदी सरकार की तरफ से पहले राजनाथ सिंह ने संसद में सरकार का पक्ष रखा। इसके बाद पार्टी की तरफ से अमित शाह ने बात रखी और अब पीएम मोदी ने परोक्ष रूप इसपर टिप्पणी की है। पीएम मोदी ने नई दिल्ली वेस्टर्न कोर्ट एनेक्सी की नई इमारत का उद्घाटन कार्यक्रम में बाबा साहब आंबेडकर के जरिए इस मामले पर अपनी बात रखी। मोदी ने कहा कि आंबेडकर के नाम पर केवल राजनीति की गई। उन्होंने कहा कि ’’अटल सरकार के समय आंबेडकर से जु़डे दो भवनों के निर्माण की योजना बनाई गई। बाद की सरकारों ने केवल राजनीति की। अब जाकर हम उस योजना को पूरा करने के लिए तैयार हैं। जब मैंने शिलान्यास किया था तो कहा था कि वर्ष २०१८ अप्रैल में इसका लोकापर्ण करूंगा। १३ अप्रैल को उसका लोकार्पण है और १४ अप्रैल को बाबा साहब आंबेडकर का जन्मदिन।’’ दरअसल पीएम मोदी आंबेडकर इंटरनैशनल सेंटर का जिक्र कर रहे थे, जिसका उद्घाटन होने वाला है। मोदी ने कहा कि ’’बाबा साहब आंबेडकर को शायद किसी सरकार ने इतना मान सम्मान नहीं दिया होगा जितना इस सरकार ने दिया है। आंबेडकर को राजनीति में घसीटने की बजाय उनके दिखाए रास्ते पर चलना चाहिए। बंधुता के महात्मय को छो़डकर कभी आगे नहीं ब़ढ सकते। हम लोग आखिरी छोर में बैठे हुए लोगों के लिए जीने मरने वाले लोग हैं। महात्मा गांधी ने हमें यही रास्ता दिखाया है। यही सरकार की जिम्मेदारी है और सरकार इस जिम्मेदारी को निभा रही है।’’

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