वुहान/वार्ताप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने शनिवार को खूबसूरत ईस्ट लेक के किनारे सैर की और बाद में एक ही नौका पर सवार होकर दोस्ताना माहौल में शांति, समृद्धि और विकास पर बात की। दोनों नेताओं और उनके अनुवादकों के अलावा कोई भी उनके साथ मौजूद नहीं था। झील किनारे टहलते हुए दोनों को सक्रिय रूप से एक-दूसरे से बातचीत करते हुए देखा गया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने दोनों नेताओं की तस्वीर साझा करते हुए ट्वीट किया, शांति, समृद्धि और विकास के लिए एक ही नाव में नौकायन। वुहान के ईस्ट लेक में नौकायन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी। मोदी ने ट्वीट किया, वुहान के बहुमूल्य ऐतिहासिक स्थल खूबसूरत ईस्ट लेक पर यादगार नौकायन।

वुहान/वार्ताभारत और चीन ने एक दूसरे की आवश्यकताओं की पूर्ति करते हुए द्विपक्षीय व्यापार एवं निवेश को संतुलित तरीके से आगे ब़ढाने पर सहमति व्यक्त की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की अनौपचारिक बैठकों के बाद शनिवार को यहां जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि दोनों नेताओं ने दोनों देशों के आपसी व्यापार एवं निवेश को संतुलित ढंग से आगे ब़ढाने पर जोर दिया। दोनों नेताओं ने कहा कि व्यापार और निवेश एक दूसरे की आवश्यकताओं के अनुरुप होना चाहिए। दोनों नेताओं ने सांस्कृतिक सहयोग तथा आम जनता के आपसी संपर्क ब़ढाने पर भी चर्चा की और इस दिशा में आगे ब़ढने के लिए नए प्रणाली स्थापित करने पर सहमति व्यक्त की। दोनों नेताओं ने कहा कि वैश्विक समृद्धि और शांति में भारत और चीन अलग अलग अपने आर्थिक प्रगति एवं विकास से योगदान करते हैं और भविष्य में भी दोनों अर्थव्यवस्थाएं वैश्विक अर्थव्यवस्था के इंजन बने रहेंगे।उन्होंने दोहराया कि वैश्विक अर्थव्यवस्था खुली, बहुस्तरीय, बहुलवादी और भागीदारीपूर्ण होनी चाहिए जिससे सभी देश विकास कर सकें और दुनिया के सभी क्षेत्रों से गरीबी तथा असमानता के उन्मूलन में योगदान कर सकें। मोदी और जिनपिंग ने कहा कि २१ वीं सदी की चुनौतियों से निपटने के लिए दोनों देशों को एक साथ आना चाहिए जिससे इनका समाधान किया जा सके। दोनों पक्षों ने इस दिशा में सहयोग करने पर भी सहमति व्यक्त की।

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