आयकर अधिकारी के अगवा बेटे की हत्या, छह गिरफ्तार

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  • शरत की बहन का सहपाठी है मुख्य आरोपी विशाल

बेंगलूरु। दस दिन पहले अगवा हुए एक आयकर अधिकारी के बेटे शरत का शव शहर की बाहरी सीमा में एक झील के पास से बरामद किया गया। इस मामले में पुलिस ने मृतक के दोस्त समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस आयुक्त सुनील कुमार ने बताया कि 19 साल के शरत कुमार का शव क्षत विक्षत अवस्था में शहर के बाहरी इलाके में रामोहल्ली झील के पास से मिला। शुरुआती जांच के अनुसार 12 सितम्बर को शरत का अपहरण करने के बाद अपहरणकर्ताओं ने जब उसके घरवालों से 50 लाख की फिरौती मांगी गई और घरवालों ने पुलिस में इसकी शिकायत कर दी तब पकड़े जाने के डर से उसी दिन अपहरणकर्ताओं ने शरत की हत्या कर दी और शव झील में फेंक दिया।

पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी विशाल, शरत की बहन का सहपाठी है। शरत का अपहरण करने के बाद विशाल ने शरत के बारे में पूछताछ करने के लिए उसकी बहन से बात की और जब शरत की बहन ने बताया कि उसके पिता अपहरण की शिकायत दर्ज करने के लिए पुलिस के पास गए हैं तब विशाल इससे डर गया। डर के कारण विशाल ने शरत को मारने का फैसला किया। अपने सहयोगियों के साथ उसने शरत की गला घोंटकर हत्या कर दी और शव एक झील में फेंक दिया। विशाल ने खुद को शरत के परिवार का हमदर्द दिखाने की कोशिश की है और शरत की हत्या करने के बाद वह शरत के घर भी गया ताकि पता चल सके कि पुलिस की जांच किस दिशा में है। पुलिस ने बताया कि हत्या के दो दिन बाद विशाल दोबारा झील के पास गया तो उसने देखा कि शरत का शव पानी में ऊपर आ गया है। शव पर किसी की नजर न पड़े इसलिए उसने शव को झील से बाहर निकाला और पास ही में एक गड्ढा खोदकर उसने शव को वहीं दफना दिया।

विशाल पर चार लाख का कर्ज

जांच के दौरान जब पुलिस ने विशाल से सामान्य पूछताछ की तब पुलिस को उस पर संदेह हुआ। बाद में विशाल ने अपहरण और हत्या की बात स्वीकारी। विशाल ने बताया कि उसने चार लाख रुपए का कर्ज लिया था और कर्ज चुकाने के लिए उसने शरत के अपहरण की साजिश रची ताकि फिरौती की रकम से कर्ज चुका सके। हालांकि उसकी योजना विफल हो गई और विशाल ने अपने साथियों के साथ मिलकर शरत की हत्या कर दी। इस मामले को सुलझाने के लिए पुलिस ने अतिरिक्त पुलिस आयुक्त मालिनी कृष्णमूर्ति के नेतृत्व में पांच विशेष टीमों का गठन किया था। गिरफ्त में आए आरोपियों में 21 वर्षीय विशाल के अतिरिक्त विनय प्रसाद (24), करण पई (22), विनोद कुमार (24) है।

12 सितम्बर को हुआ था अपहरण

आयकर अधिकारी निरंजन कुमार का बेटा शरत 12 सितंबर को अपनी नई बाइक में घर से बाहर निकला था। वह अभिभावकों को कहकर गया था कि जल्दी लौट आएगा। हालांकि, वह देर रात तक घर नहीं लौटा। परिजनों ने उसे कॉल करने की कोशिश की लेकिन दूसरी तरफ से कोई जवाब नहीं मिला। बाद में उसने एक वाट्सएप वीडियो संदेश भेजकर अपने परिजनों से कहा कि वह अपहरणकर्ताओं से उसे छुड़ाने के लिए 50 लाख रुपए की फिरौती राशि का प्रबंध करें। शरत आचार्य इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग में ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा था।

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