वाशिंगटन। पाकिस्तान समर्थित आतंकवादी संगठन भारत के भीतर हमले जारी रख सकते हैं। जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी हमले ब़ढने के बीच अमेरिका के खुफिया विभाग के प्रमुख ने इन हमलों के प्रति चेताया है। नेशनल इंटेलिजेंस के निदेशक डेन कोट्स की यह टिप्पणी शनिवार को जम्मू के सुंजवां सैन्य शिविर पर जैश-ए-मोहम्मद के आतकंवादियों द्वारा किए गए हमले के कुछ दिन बाद आई है। खुफिया जानकारी पर सीनेट की चयन समिति को पेश की गई अपनी गवाही में कोट्स ने कहा कि पाकिस्तान नए परमाणु हथियारों के इस्तेमाल का संकेत देकर, आतंकवादियों से अपने संबंध बरकरार रखकर, आंतकवाद विरोधी सहयोग को रोककर और चीन से करीबी बनाकर अमेरिकी हितों को नुकसान पहुंचाना जारी रखेगा। अमेरिकी खुफिया समुदाय द्वारा किए गए वैश्विक खतरों के मूल्यांकन की सुनवाई के दौरान कोट्स ने कहा, पाकिस्तान से समर्थन प्राप्त आतंकवादी संगठन पाकिस्तान में अपने सुरक्षित पनाहगाहों का फायदा उठाना जारी रखते हुए भारत, अफगानिस्तान के साथ ही अमेरिकी हितों वाले देशों के खिलाफ हमले की योजना बनाना और हमले करना जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि भारत की तुलना में अपनी स्थिति को खराब समझने का पाकिस्तान का बोध उसके अलग-थलग प़डने की आशंकाओं को और ब़ढा देगा जिससे वह भारत के लिए तय अमेरिकी लक्ष्यों के खिलाफ काम करेगा। पाकिस्तान के किसी भी आतंकी संगठन का नाम लिए बिना ही कोट्स ने सांसदों से कहा कि इन संगठनों के खिलाफ कार्रवाई करने का दबाव ब़ढाने का कोई खास असर नहीं देखने को मिला है। साथ ही उन्होंने कहा कि दोनों प़डोसी एशियाई देशों के बीच तनाव ब़ढने की आशंका है। उन्होंने कहा, नियंत्रण रेखा पर जारी हिंसा के चलते भारत और पाकिस्तान के रिश्ते तनावपूर्ण बने रह सकते हैं और पाकिस्तान द्वारा आगे किसी तरह का ब़डा हमला किए जाने की सूरत में यह तनाव और ब़ढ सकता है।

LEAVE A REPLY