daughter in law marriage
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देहरादून। उत्तराखंड के देहरादून में एक शख्स ने बेटे की मौत के बाद बहू के लिए लड़का देखा और फिर बेटी की तरह उसकी शादी करवा विदाई की। इस मौके पर पूरा परिवार काफी भावुक था। देहरादून के बालावाला इलाके में रहने वाले विजयचंद ने अपनी बहू कविता की शादी करवाई है। कविता उनके घर में 2014 में बहू बनकर आई थी, लेकिन अगले ही साल बेटे संदीप का देहांत हो गया।

इससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। समय के साथ विजयचंद ने परिवार को संभाला और बहू कविता को दूसरी शादी के लिए मनाया। यह फैसला बहुत मुश्किल था, क्योंकि आज भी भारतीय समाज में ऐसे दुख का सामना करने वाली महिला का जीवन काफी कष्टमय होता है। आखिरकार विजयचंद ने बहू के लिए लड़का देखा और शादी तय कर दी।

उन्होंने धूमधाम से कविता की शादी करवाई। शादी में सास-ससुर उसके मां-बाप बने। फिर उन्होंने ही कन्यादान किया। विजयचंद ने रूढ़ियों को तोड़ते हुए समाज को यह संदेश दिया ​कि बहू भी बेटी ही होती है और उसके सुख-दुख और भावनाओं को समझना जरूरी है। विजयचंद ने बेटे को खोने के बाद काफी हिम्मत से यह फैसला लिया, जिसकी समाज में बहुत कम मिसाल मिलती है।

कविता ने बताया कि पति की मौत के बाद एक बार उनके मन में मायके जाने का ख्याल आया था, लेकिन बाद में सास-ससुर की चिंता के कारण यहीं रहने लगीं। समाज में कुछ रूढ़िवादी लोग भी यह संकेत दे चुके थे कि बेटे की मौत के बाद बहू को घर में नहीं रखना चाहिए, लेकिन इन सबसे विजयचंद नहीं डिगे। सास-ससुर ने बहू के लिए मां-बाप की भूमिका अदा की और उसके सुखद भविष्य का ख्याल रखा। विजयचंद कहते हैं कि इस घटना से हमारे समाज को शिक्षा लेनी चाहिए।

सोशल मीडिया पर विजयचंद की काफी तारीफ की जा रही है। यूजर्स ने उनकी हिम्मत को सराहा है। कई यूजर्स ने ऐसी घटनाओं का जिक्र किया जब पति की मृत्यु के बाद किसी महिला को भयंकर कष्टों का सामना करना पड़ा और कोई उसकी मदद के लिए नहीं आया। लोगों ने समाज की कुछ परंपराओं को प्रासंगिक बनाने और बहू को भी बेटी के समान समझने की अपील की है।

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