बेंगलूरु/दक्षिण भारतआचार्यश्री नयचन्द्रसागरसूरीश्वरजी म.सा. के शिष्य महाशतावधानी अभिनंदनचन्द्रसागरजी म.सा. के शिष्य जु़डवां बालमुनि नमिचन्दसागरजी व नेमीचन्दसागरजी म.सा. २ दिसम्बर को शहर में संस्कृत, प्राकृत, उर्दू, अंगे्रजी, पंजाबी, कन्ऩड, हिन्दी, गुजराती, मराठी एवं मारवा़डी आदि कुल १० भाषा में प्रवचन के साथ बाल शतावधान प्रयोग करेंगे। बाल शतावधान प्रयोग को सफल बनाने के लिए नाको़डा पार्श्वनाथ जैन मंदिर ट्रस्ट के लुणिया भवन में विभिन्न संघ प्रतिनिधियों की बैठक का आयोजन किया गया जिसमें जैन समाज के चारोें सम्प्रदाय के लोगों ने उत्साह से भाग लिया तथा कार्यक्रम को सफल बनाने का संकल्प लिया। सभी उपस्थित जनों ने अपनी अपनी ओर से विभिन्न सुझाव दिए तथा अनेक विषयों पर गहन चर्चा हुई। बैठक के अंत में बालशतावधान समिति का भी गठन किया गया तथा जिम्मेदारियां बांटी गई।

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