khaleda zia
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ढाका। बांग्लादेश की एक अदालत ने मुल्क की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा ज़िया को भ्रष्टाचार के मामले में दोषी मानते हुए सात साल सख्त कैद की सजा सुनाई है। उन पर ज़िया चैरिटेबल ट्रस्ट से जुड़ा भ्रष्टाचार का मामला चल रहा था। सोमवार को आए फैसले में अदालत ने खालिदा ज़िया और तीन अन्य लोगों के लिए सजा का ऐलान किया।

इनमें से प्रत्येक को सजा के अलावा 10 लाख टका जुर्माना भी चुकाना होगा। बांग्लादेश के इतिहास में इस मामले को भ्रष्टाचार के खिलाफ काफी सख्त रुख वाले फैसलों में से एक माना जा रहा है। ढाका से प्र​काशित होने वाले ‘द डेली स्टार’ के अनुसार, अदालत ने खालिदा के अलावा हैरिस चौधरी, ज़ियाउल इस्लाम मुन्ना और मोनिरुल इस्लाम ख़ान को भ्रष्टाचार का दोषी पाया।

अर्श से फर्श तक सफर
कभी बांग्लादेश की सियासत में बेहद प्रभावशाली रहीं खालिदा के सितारे तब गर्दिश में डूब गए जब उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगने लगे। यह मामला भी आठ साल पुराना है। तब बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की अध्यक्ष खालिदा ज़िया के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसी ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। इसके बाद घोटाले की परतें खुलती गईं। एजेंसी ने पाया कि खालिदा और तीन अन्य लोगों ने ज़िया चैरिटेबल ट्रस्ट की आड़ में करीब 3.75 लाख डॉलर का घोटाला किया था।

सोमवार को सजा का ऐलान करते हुए जज ने कहा है कि यदि ये लोग जुर्माने में 10 लाख टका नहीं चुकाते हैं तो इन्हें छह माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। इसके अलावा अदालत ने उस जमीन को जब्त करने का आदेश दिया है जो ट्रस्ट के नाम से खरीदी गई थी।

बांग्लादेशी मीडिया में इस मामले ने खूब सुर्खियां बटोरीं। फैसले का ऐलान होते वक्त खालिदा ज़िया अदालत में पेश नहीं हुईं। उन्हें फरवरी में ही ज़िया अनाथ आश्रम ट्रस्ट में भ्रष्टाचार के अन्य मामले में पांच साल कैद की सजा सुनाई गई थी। खालिदा फरवरी से ही जेल में हैं।

खालिदा ज़िया दो बार बांग्लादेश की प्रधानमंत्री रह चुकी हैं। उन्होंने वर्ष 1991 से 1996 और वर्ष 2001 से 2006 तक बांग्लादेश की बागडोर संभाली थी। वे इस मुल्क की पहली महिला प्रधानमंत्री भी रही हैं। उनके पति जियाउर्रहमान बांग्लादेश के पूर्व राष्ट्रपति थे। फोर्ब्स पत्रिका द्वारा प्रकाशित वर्ष 2004 में विश्व की सबसे ज्यादा प्रभावशाली महिलाओं की सूची में खालिदा का 14वां स्थान था। इस समय खालिदा ज़िया की उम्र करीब 73 साल है।

फैसले का असर
भ्रष्टाचार से जुड़े इस मामले में यदि सजा पर अमल होता है तो खालिदा ज़िया की पार्टी बीएनपी का भविष्य मंझधार में पड़ सकता है। अदालत ने इस साल अक्टूबर में उनके बेटे तारिक रहमान को भी एक मामले में उम्रकैद सुनाई है। वहीं 19 अन्य लोगों को मौत की सजा सुनाई थी, जिनमें दो पूर्व मंत्री भी हैं। इन्हें अगस्त 2004 में शेख हसीना की रैली में ग्रेनेड कांड का दोषी पाया था।

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