नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) घोटाले में कांग्रेस के नेताओं के शामिल होने का आरोप दोहराते हुए शनिवार को फिर कहा कि मोदी सरकार को जैसे ही इस मामले की जानकारी हुई, उसने ठोस कार्रवाई की है। भाजपा की वरिष्ठ नेता और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार के दौरान वर्ष २०११ में बैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी के सहयोग से घोटाले की शुरुआत हुई थी। उस अधिकारी ने नीरव मोदी की कम्पनी गीतांजलि जेम्स को ऋण के लिए जो लेटर ऑफ अंडरस्टेंडिंग (एलओयू) जारी किया उसे कोर बैंकिंग सिस्टम में नहीं डाला जाता था। उस अधिकारी के सेवानिवृत होने के बाद घोटाले की जानकारी हुई। श्रीमती सीतारमण ने कहा कि कांग्रेस के नेताओं ने सरकारी पद और प्रशासनिक प्रणाली का दुरुपयोग कर घोटाला किया और अब लोगों को गुमराह करने के लिए झूठ का सहारा लेकर सरकार पर आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष २००२ में नीरव मोदी की एक कम्पनी में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी की पत्नी अनिता सिंघवी और पुत्र आविष्कार मानव सिंघवी शेयरधारक थे। भाजपा नेता ने कहा कि घोटाले की जानकारी होते ही केन्द्रीय जांच ब्यूरो, प्रवर्तन निदेशालय, आयकर विभाग और विदेश मंत्रालय ने कार्रवाई की है। श्रीमती सीतारमण ने कहा कि वर्ष २०१३ में भारतीय जीवन बीमा निगम ने गीतांजलि जेम्स में चार प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदी थी लेकिन बाद में कम्पनी के कारोबार पर छह माह के लिए रोक लगा दी गई थी। उन्होंने कहा कि गीतांजलि के इलाहाबाद बैंक से ऋण पुनर्गठन और अतिरिक्त कर्ज देने के मामले को लेकर एक सरकारी निदेशक ने अपना इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने सवाल किया कि क्या कारण था कि सरकारी निदेशक ने इस्तीफा दिया था। हालांकि बाद में ऋण को स्वीकृत कर दिया गया था।

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