सामाजिक संदेश देने वाली एक तस्वीर। यहां उर्दू में लिखा है- इल्म ताकत है।
सामाजिक संदेश देने वाली एक तस्वीर। यहां उर्दू में लिखा है- इल्म ताकत है।

इस्लामाबाद। हमारे पड़ोसी देश पाकिस्तान से यूं तो अच्छी खबरें कम ही आती हैं लेकिन भयंकर कट्टरपंथ और आतंकवाद से जूझ रहे इस मुल्क में भी कुछ लोग बेहतरी की पूरी कोशिश में जुटे हैं। सामाजिक कार्यकर्ता और डॉक्यूमेंट्री फिल्म निर्माता समर मिनाल्लाह भी उन्हीं में से एक हैं जो समाज में अशिक्षा, बाल विवाह, कट्टरता जैसी बुराइयों को दूर करने के लिए कला का इस्तेमाल कर रही हैं। इसके लिए उन्होंने जो तरीका अपनाया है, वह भी बेमिसाल है।

अब तक आपने ट्रकों के पीछे कुछ खास शब्द लिखे हुए जरूर देखे होंगे। मिसाल के तौर पर ‘हॉर्न, ओके प्लीज, साइड और बुरी नजर वाले… वगैरह!’ समर ने सामाजिक संदेश देने के लिए ट्रकों का इस्तेमाल शुरू किया है। चूंकि ट्रक गांव से लेकर शहरों तक आते-जाते रहते हैं। वे लोगों की निगाहों के सामने से गुजरते हैं। यदि उनके पीछे कोई प्रभावशाली संदेश लिखा जाए तो उससे लोग यकीनन प्रभावित होते हैं।

इसी सोच के साथ उन्होंने पाकिस्तान के उन पेंटरों को प्रोत्साहित करना शुरू किया जो ट्रकों को संवारने के काम से जुड़े हैं। अब तक वे ट्रकों के पीछे फिल्मी अभिनेत्रियों, सियासी नारों और फूल-पत्तियों को अपनी कूची से उकेरते रहे हैं। अब वे लोगों को शिक्षा का संदेश देने वाली बातें लिखते हैं। खासतौर से बच्चियों की शिक्षा। इन्होंने कई ट्रकों के पीछे किताब लिए हुए बच्ची की तस्वीरें बनाईं और उसके साथ यह पैगाम दिया कि इल्म रोशनी है.. तालीम ताकत है।

इस तस्वीर में उर्दू में लिखा है- इल्म रोशनी है।
इस तस्वीर में उर्दू में लिखा है- इल्म रोशनी है।

इसके अलावा बाल विवाह रोकने की अपील की गई है। तस्वीरों के माध्यम से संदेश दिया गया है कि बच्चियों को पढ़ने दें और आगे बढ़ने दें। कला के इस अद्भुत प्रयोग को पाकिस्तान में काफी लोग सराह रहे हैं। उन्होंने इसे एक अच्छी पहल बताया है। गांव हो या शहर, जब ये ट्रक कहीं रुकते हैं तो लोगों की नजर इन ​तस्वीरों पर जरूर पड़ती है। वे उन्हें देखते हैं और सोचने को मजबूर हो जाते हैं।

samar minallah
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द डॉन को दिए एक साक्षात्कार में समर मिनाल्लाह ने बताया कि ट्रकों में लोगों तक सामाजिक संदेश पहुंचाने की प्रभावशाली क्षमता है। उनका यह अभियान ट्विटर पर भी जोर पकड़ रहा है। कई लोगों ने उन्हें समर्थन दिया है और ऐसे ट्रकों की तस्वीरें पोस्ट की जा रही हैं। पाकिस्तान के लोगों ने इसे शानदार पहल बताया है। इसके लिए ट्रक ड्राइवरों और पेंटरों को प्रोत्साहित किया जा रहा है ​कि वे पूरे मुल्क में अपने वाहनों के जरिए सकारात्मक संदेश देने वाली बातें फैलाएं। उन्होंने भी इस अभियान में गहरी रुचि दिखाई है।

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