indian army
indian army

नई दिल्ली। सर्जिकल स्ट्राइक भारतीय सेना की वीरता और शौर्य की कहानी है। इसके जरिए भारत ने बता दिया कि हम शांति के पक्षधर हैं लेकिन अपनी रक्षा करना बखूबी जानते हैं। सितंबर 2016 में भारतीय सेना के जांबाजों ने पाकिस्तान के कब्जे वाले इलाके में प्रवेश किया और वहां आतंकवादियों को मौत के घाट उतारकर सकुशल वापस आ गए।

जब सेना ने सार्वजनिक रूप से इसका ऐलान किया तो पूरे हिंदुस्तान में खुशी की एक लहर दौड़ गई। लोगों में आत्मविश्वास झलक रहा था। वहीं पाकिस्तान के शीर्ष नेता और फौजी अधिकारी तनाव में थे। उसके बाद सर्जिकल स्ट्राइक की कई कहानियां सामने आईं, जिन्हें जानकर देशवासियों को भारत मां के इन सपूतों पर गर्व हुआ।

अब सर्जिकल स्ट्राइक से जुड़ा एक और बड़ा खुलासा हुआ है जिसके बारे में जानकर आप हैरान रह जाएंगे। दरअसल पाकिस्तान पर कार्रवाई करने से पहले सेना ने बहुत अच्छी तैयारी कर ली थी। यह तैयारी सिर्फ सैन्य रणनीति से ही नहीं बल्कि भौगोलिक परिस्थितियों से भी संबंधित थी।

इस कार्रवाई में सेना द्वारा तेंदुए के मल-मूत्र का हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया गया था। आखिर ऐसा क्यों किया गया? इस संबंध में ऑपरेशन की अगुवाई करने वाले पूर्व नगरोटा कोर कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल राजेंद्र निम्भोड़कर ने बताया है कि पाकिस्तान के जिस इलाके में हमारी सेना के जवान कार्रवाई के लिए जाने वाले थे, वहां रास्ते में कई जगह तेंदुए का मल-मूत्र बिखेरा गया।

दरअसल कुत्तों को तेंदुए से डर लगता है। चूंकि उनके सूंघने की शक्ति तेज होती है, इसलिए वे तेंदुए के मल-मूत्र की गंध पाकर दूर भाग जाते हैं। सेना के अधिकारियों ने इस बात का पर्याप्त ध्यान रखा कि जब हमारे सैनिक उस ओर जाएं तो वहां घूमने वाले आवारा कुत्तों को उनकी भनक न लग जाए। अन्यथा इससे पूरा आॅपरेशन प्रभावित हो सकता था। सेना ने छोटी से छोटी बात पर शोध किया और उसके आधार पर कार्रवाई की जो पूरी तरह सफल हुई।

ये भी पढ़िए:
ऊपर से गुजर गया ट्रक, फिर भी ज़िंदा बच गई महिला, देखिए वीडियो
दिल्ली की मस्जिद में खुदाई के दौरान निकला मटका, अंदर देखा तो मिले ढेर सारे सिक्के!
अहमदाबाद में भी बुराड़ी जैसी घटना, ​परिवार के 3 लोगों ने काले जादू के लिए दी जान
फिजूलखर्ची रोकने के लिए अब इमरान ख़ान करेंगे 8 भैंसों की नीलामी

Facebook Comments

LEAVE A REPLY