लाहौर। पाकिस्तान की एक अदालत ने कसूर जिले में सात वर्षीय बच्ची जैनब अंसारी की दुष्कर्म के बाद हत्या के दोषी को शनिवार को मौत की सजा सुनाई। महाभियोजक एहतेशाम कादिर ने बताया कि अदालत ने जैनब की हत्या के मामले में इमरान अली (२४) को दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई है। अप्राकृतिक यौनाचार के लिए उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है और उस पर १० लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। इसके अलावा जैनब का शव कचरे में फेंकने के लिए सात वर्ष की कैद तथा १० लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है। उन्होंने बताया कि संदिग्ध सीरियल किलर इमरान पर अन्य मामलों में मुकदमा चलता रहेगा। यह फैसला लाहौर की कोट लखपत जेल में सुनाया गया। जैनब गत चार जनवरी को लापता हो गई थी और पुलिस को उसका शव गुमशुदगी के चार दिन बाद कसूर जिले में लाहौर के पास कू़डे के ढेर पर मिला था। उसकी हत्या को लेकर पूरे देश में व्यापक पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन हुए थे। इसी दौरान पुलिस की कार्रवाई में दो प्रदर्शनकारियों की मौत भी हुई थी। पुलिस ने बाद में जांच प़डताल के बाद एक सीसीटीवी फुटेज की मदद से जैनब के प़डोसी इमरान को पक़डा था। सीसीटीवी फुटेज में बच्ची इमरान के साथ जाती हुई नजर आ रही थी।कसूर जिले में २०१५ से बच्चों के लापता होने की शिकायतें ब़डी संख्या में दर्ज की जा रही हैं। अधिकारियों ने इसके पीछे बाल यौन शोषण रैकेट होने का खुलासा किया था जिसके तार एक प्रभावशाली स्थानीय परिवार से जु़डे हुए थे। इस मामले में दो लोगों को दोषी भी करार दिया था। बाल सुरक्षा के लिए काम करने वाले संगठन ’’साहिल’’ के मुताबिक पाकिस्तान में प्रतिदिन बाल अपराधों के लगभग १० मामले दर्ज होते हैं। इमरान के पास इस फैसले के खिलाफ अपील करने के लिए १५ दिन का समय है।

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