asia bibi
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इस्लामाबाद। पाकिस्तान में उच्चतम न्यायालय के एक फैसले के बाद भारी बवाल मच गया है। न्यायालय ने बुधवार को एक ईसाई महिला को ईशनिंदा के मामले में बरी कर दिया। इसके बाद पाकिस्तान में कट्टरपंथी भड़क गए और सड़कों पर उतर आए। इस महिला का नाम आसिया बीबी है। उस पर ईशनिंदा का आरोप था और निचली अदालत ने उसे फांसी की सजा सुना दी थी।

अब उच्चतम न्यायालय ने उस फैसले को पलटते हुए आसिया को रिहा करने का आदेश दिया है। आसिया को निचली अदालत ने 2010 में दोषी करार दिया था। यह मामला पाकिस्तानी मीडिया में बहुत चर्चित और विवादित रहा है। कट्टरपंथी संगठनों और आतंकियों ने मांग की थी कि आसिया को तुरंत फांसी दे दी जानी चाहिए।

बुधवार को उच्चतम न्यायालय का फैसला आने के बाद पाकिस्तान के कई शहरों में विरोध प्रदर्शन होने लगे। लोगों ने सड़कों पर टायर जलाए, तोड़फोड़ की और आसिया बीबी को सज़ा-ए-मौत देने की मांग की। सरकार ने सुरक्षा के मद्देनजर पाकिस्तान के कई इलाकों में धारा-144 लागू कर दी है। इसके बावजूद कट्टरपंथियों ने उच्चतम न्यायालय के फैसले की निंदा करते हुए उपद्रव मचाया। कई राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने भी फैसले की निंदा की और आसिया को तुरंत फांसी पर लटकाने की मांग करने लगे।

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पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश साकिब निसार सहित तीन जजों की पीठ ने आसिया को दोषमुक्त करार दिया। आसिया पर 2009 में ईशनिंदा का आरोप लगा था। यह मामला दर्ज कराया गया कि ईसाई महिला आसिया 14 जून, 2009 को अपने घर से कुछ ही दूरी पर काम कर रहीं महिलाओं के पास पहुंची और वहां झगड़ा करने लगी। आरोप है कि उसने पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब की शान में गलत शब्द कहे। इसके बाद पाकिस्तान में कई लोग भड़क उठे और देशभर में प्रदर्शन होने लगे कि आसिया को सज़ा-ए-मौत दी जाए।

आसिया खुद पर लगे आरोपों को नकारती रही है। उसने कहा कि यह झगड़ा एक कुएं से पानी पीने के कारण हुआ। एक महिला ने आसिया को पानी पीते देखा तो कहा कि अब य​ह कुआं अपवित्र हो गया। इसके बाद वह आसिया से झगड़ा करने लगी और मामले को ईशनिंदा से जोड़ दिया। अब उसे उच्चतम न्यायालय ने राहत दे दी है। पाकिस्तान में ईशनिंदा का यह कानून काफी विवादों में रहा है। इसके जरिए कई बेकसूर लोगों और अल्पसंख्यकों को फंसाने की घटनाएं हो चुकी हैं। ईशनिंदा कानून का विरोध करने के कारण पाकिस्तान के एक मशहूर राजनेता सलमान तासीर की हत्या उनके ही अंगरक्षक ने कर दी थी। इसके अलावा कई मामलों में भीड़ ने ईशनिंदा के आरोप के बाद लोगों की पीट-पीटकर हत्या कर दी।

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