ananth kumar
ananth kumar

बेंगलूरु। भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार का मंगलवार को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। पिछले काफी समय से कैंसर से जूझ रहे अनंत कुमार का सोमवार को निधन हो गया था। उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित पक्ष-विपक्ष के कई दिग्गज नेता बेंगलूरु आए। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, गृह मंत्री राजनाथ सिंह, वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी सहित विभिन्न राजनेताओं एवं आम नागरिकों ने अनंत कुमार को श्रद्धांजलि दी।

प्रधानमंत्री मोदी सोमवार को बेंगलूरु पहुंच गए थे। वहां उन्होंने अनंत कुमार को श्रद्धांजलि दी और उनके परिजनों से मुलाकत कर ढांढस बंधाया। अनंत कुमार का पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी से लेकर आम कार्यकर्ताओं तक से गहरा जुड़ाव रहा था। उनके निधन के समाचार से समर्थकों में शोक व्याप्त हो गया। अनंत कुमार को श्रद्धांजलि देने आ रहे लोग अपने प्रिय नेता से जुड़ी पुरानी बातों को याद कर रहे थे। हर कोई गमगीन था। उनके आवास पर काफी तादाद में आए लोगों ने अंतिम दर्शन किए और नमन किया।

बेंगलूरु दक्षिण सीट से लोकसभा सांसद रहे अनंत कुमार ने कर्नाटक में भाजपा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। अपने क्षेत्र में उनकी लोकप्रियता इतनी ज्यादा थी कि केंद्र में किसी भी दल की सरकार रही हो, लेकिन बेंगलूरु दक्षिण के मतदाताओं ने छह बार अनंत कुमार को चुनकर संसद भेजा। संघ में सक्रिय रहे अनंत कुमार अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से 1987 में भाजपा में आए थे।

वर्ष 1998 में वे वाजपेयी सरकार की कैबिनेट में मंत्री बने। उन्होंने सरकार में रहते महत्वपूर्ण पदों पर भूमिका निभाई, वहीं कर्नाटक में भाजपा की जड़ों को मजबूत करते रहे। उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ राजनेताओं से लेकर युवा कार्यकर्ताओं तक के साथ खूब काम किया था। साधारण आर्थिक पृष्ठभूमि वाले परिवार में पैदा हुए अनंत कुमार संगठन के प्रति निष्ठा और परिश्रम के कारण वहां महत्वपूर्ण पदों तक पहुंचे। उन्होंने सरकार में नागरिक उड्डयन, पर्यटन, खेल, संस्कृति, शहरी विकास, संसदीय कार्य जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय संभाले थे।

मंगलवार को जब उन्हें अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया तो वहां मौजूद हर किसी की आंखें नम हो गईं। एक बार फिर पुरानी बातें, बीते लम्हे और यादों की कई झलकियां ताजा हो गईं। भारी मन से सबने अनंत कुमार को अलविदा कहा। मात्र 59 वर्ष का लौकि​क जीवन जीकर अनंत कुमार अनंत में विलीन हो गए।

LEAVE A REPLY