निकिता को आर्किटेक्चर में मिला गोल्ड मेडल, हासिल की यह बड़ी उपलब्धि

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बेंगलूरु/दक्षिण भारत। हरेश और अर्चना की पुत्री निकिता ने रामैया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से बैचलर ऑफ आर्किटेक्चर डिग्री के साथ स्नातक की शिक्षा 9.76 / 10 के उच्च कॉमुलेटिव ग्रेड प्वाइंट के साथ पूरी कर अपने परिवार और समाज का नाम गौरवान्वित किया है। मेधावी और प्रतिभाशाली निकिता ने पिछले दो सेमेस्टरों में भी 10/10 का औसत ग्रेड प्वाइंट हासिल किया था।

उनकी उपलब्धियों को देखते हुए और प्रथम स्थान प्राप्त करने के लिए संस्थान द्वारा उन्हें गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया है। उल्लेखनीय है कि निकिता को तेजी से घट रही समुद्री जैव विविधता को संरक्षित करने के लिए आर्किटेक्चर के अनुभवों के आधार पर तटवर्ती शहर मलवन में ‘मैरीन सेंटर एंड आर्किटेक्चर इंस्टीट्यूट ऑफ ओसियनोग्राफी’ का प्रस्ताव रखने के लिए ‘प्रदर्शन सर्वश्रेष्ठ थेसिस परियोजना’ पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया है।

हाल ही में निकिता का चयन यूरोपियन आर्किटेक्चर स्टूडेंट असेम्बली में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए पूरे देश से चुने गए 9 आर्किटेक्चर छात्र-छात्राओं में शामिल किया गया था। इस असेम्बली में क्रोएशिया में दुनिया भर में 600 आर्किटेक्चर विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया था। असेंबली का उद्देश्य रिजेका बंदरगाह स्थित एक परित्यक्त वेयर हाउस से निर्यात गतिविधियों को पुनर्जीवित करना था।

इसमें निकिता का चयन कंपासा वर्कशॉप के लिए किया गया था जिसके द्वारा रिजेका में दिसंबर महीने में होने वाले गैस्ट्रोनोमी उत्सव के दौरान काफी कम सुनी जाने वाली पोर्टोएंटो के लिए उपयोग में लाए जाने पवेलियनों का डिजाइन और निर्माण करना था। 15 दिनों तक चलने वाली असेंबली के दौरान क्रोएशिया के मीडिया द्वारा निकिता का साक्षात्कार भी लिया गया।

गौरतलब है कि निकिता एक प्रमाणित स्कूबा डाइवर भी हैं और विभिन्न गतिविधियों जैसे कि स्काई डाइविंग, नृत्य और लेखन में भाग लेती हैं। वह एक अच्छी वक्ता हैं और पशु कल्याण से संबंधित गतिविधियों में भी सक्रिय रहती हैं।

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