लाहौर। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के लाहौर स्थित घर के पास पुलिस जांच चौकी पर तालिबान के किशोर फिदायीन हमलावर ने खुद को उ़डा लिया, जिसमें छह पुलिसकर्मियों समेत १० लोगों की मौत हो गई। बचाव अधिकारियों ने बताया कि विस्फोट कल रात पुलिस जांच चौकी के पास हुआ्। यह विस्फोट शरीफ परिवार के घर से कुछ किलोमीटर दूर और तबलीगी जमात सेंटर की सभा के नजदीक में हुआ। रेस्क्यू ११२२ के प्रवक्ता जे. सज्जाद ने कल भाषा को बताया था, नौ लोगों की मौत हुई है, जिसमें दो इंस्पेक्टर और तीन कांस्टेबल शामिल हैं। तबलीगी जमात के रैविंद मर्क़ज पर हमले में जख्मी हुए एक पुलिस कर्मी की आज मौत हो गई। इसी के साथ मरने वलों की संख्या ब़ढकर १० हो गई। सज्जाद ने कहा कि २५ घायलों में करीब १४ पुलिसकर्मी शामिल हैं्। उनमें से कुछ की हालत नाजुक बताई गई है। एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने रिपोर्ट की है कि संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) के मुताबिक, चार आतंकवादियों ने तबलीगी जमात की सभा में घुसने की कोशिश की लेकिन पुलिस कर्मियों ने उन्हें रोक लिया। एक हमलावर ने खुद को उ़डा लिया जबकि बाकी मौके से भाग गए। पंजाब के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) आरिफ नवाज ने पुष्टि की कि यह फिदायीन हमला था जिसे एक किशोर ने अंजाम दिया था। उसने जांच चौकी के पास खुद को उ़डा लिया।लाहौर के पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) डॉ हैदर अशरफ ने बताया कि तबलीगी जमात सेंटर के पास बनी पुलिस चौकी पर एक किशोर ने खुद को उ़डा लिया, जहां कम से कम १४ पुलिस कर्मी मौजूद थे। बहरहाल, उन्होंने किशोर की सटीक उम्र नहीं बताई। उन्होंने कहा कि हमले का निशाना पुलिसकर्मी थे। कुछ पुलिसकर्मियों की हालत नाजुक है। अधिकारी ने कहा कि फिदायीन हमलावर के शरीर के कुछ अंग भी बरामद कर लिए गए हैं। यह विस्फोट इतना शक्तिशाली विस्फोट था कि इसकी गूंज कई किलोमीटर तक सुनाई दी। निसार पुलिस चौकी पर विस्फोट के बाद आग का गुबार भी देखा गया।कुछ रिपोर्टों में बताया गया है कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने हमले की जिम्मेदारी ली है। प्रतिबंधित संगठन ने पुलिसकर्मियों पर और हमलों की धमकी भी दी है। यह फिदायीन हमला लाहौर में होने वाले पाकिस्तान सुपर लीग के सेमीफाइनल मैच से एक हफ्ता पहले हुआ है। अशरफ ने कहा कि यह मैच अपने कार्यक्रम के मुताबिक होगा और इस बाबत सुरक्षा के सभी इंतजाम किए गए हैं। पाकिस्तानी रेंजर्स और त्वारित प्रतिक्रिया बल मौके पर पहुंच गया है और पुलिस के साथ इलाके को घेर लिया है। राष्ट्रपति ममनून हुसैन ने हमले की निंदा करते हुए इसे कायराना कृत्य बताया है जो आतंकवाद के खिलाफ सरकार की ल़डाई को रोक नहीं सकता।

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