taking painkiller
taking painkiller

बेंगलूरु। दर्द एक ऐसी चीज है जिसका अहसास सभी को होता है। कुछ लोग सिर दर्द से पीड़ित रहते हैं तो कुछ कमर या पीठ दर्द से। कुछ पैरों के दर्द से परेशान रहते हैं, तो कुछ हाथ के दर्द से। दर्द से छुटकारे के लिए कोई डॉक्टर के पास जाता है तो कोई सीधे केमिस्ट के पास से दर्द निवारक दवाएं लेकर खा लेता है।

इन दर्द निवारक दवाओं से तात्कालिक रूप से हमें आराम भले ही मिल जाए परन्तु दीर्घकाल में इनका असर शरीर के विभिन्न अंगों पर प़डता है, जिसका कोई इलाज भी नहीं है। इसलिए दर्द निवारक दवाएं तभी लेनी चाहिएं जब बहुत आवश्यक हों, लेकिन अपने मन से तो कभी नहीं। पहले डॉक्टर से संपर्क करें।

फिर उसके बताए अनुसार गोलियों का सेवन करना लाभप्रद होगा। ज्यादा दर्द निवारक गोलियों के सेवन से औरतों में माहवारी में परेशानी होती है। भविष्य में ब्लड प्रेशर की तकलीफ हो जाती है। दर्द निवारण के लिए आप प्राकृतिक चिकित्सा की मदद ले सकते हैं।

न्यू साइंटिस्ट नामक जनरल के अनुसार दर्द निवारक दवाओं के सेवन के कारण एक ओर मां और बच्चे में आत्मीय संबंध नहीं पनप पाता, वहीं दूसरी ओर पैदा हुआ नवजात शिशु मां का स्तनपान करने से कतराता है। वैज्ञानिकों के अनुसार इस समस्या के लिए पेनकिलर ही अधिक जिम्मेदार हैं।

इसके अलावा इन दर्द निवारक दवाओं पर कई शोध बताते हैं कि इनका उपयोग सुरक्षित नहीं है। इनके लगातार इस्तेमाल से लिवर, गुर्दे पर काफी बुरा असर होता है। इससे भविष्य में गंभीर रोग पैदा हो सकते हैं। साथ ही इनसे रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कमजोर होती। दुनिया के कई देश विभिन्न दर्द निवारक दवाओं को हानिकारक मानकर उन पर प्रतिबंध लगा चुके हैं। इसलिए जब भी इन दवाओं की जरूरत पड़े, चिकित्सक से सलाह जरूर लें।

ये भी पढ़िए:
– चेहरे की खूबसूरती में चार चांद लगाते हैं आईब्रोज, लेकिन कभी न करें ये गलतियां
– मुंह की बदबू से हैं परेशान तो आजमाएं ये आसान नुस्खे, सांसों में आएगी ताजगी
– तुलसी एक फायदे अनेक, इन बीमारियों में अमृत के समान हैं इसके पत्ते
– बहुत पौष्टिक और गुणकारी है दही, इसका सेवन रखता है इन बीमारियों को दूर

Facebook Comments

LEAVE A REPLY