हुब्बल्ली। कन्ऩड संगठनों और कलसा-बंडूरी आंदोलन समिति के बीच रविवार को हुई एक गर्मागर्म बहस के बाद निर्णय लिया गया कि महादयी जल विवाद को सुलझाने के नाम पर कन्ऩड संगठनों ने पूर्व घोषित २५ जनवरी के कर्नाटक बंद के अतिरिक्त अब ४ फरवरी को बेंगलूरु बंद भी होगा, जिस दिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भाजपा की एक रैली को संबोधित करने बेंगलूरु आ रहे हैं। महादयी जल विवाद के समाधान के लिए प्रधानमंत्री के हस्तक्षेप की मांग को लेकर यह बंद किया गया है। रविवार को दोनों कन्ऩड संगठनों का नेतृत्व कर रहे वाटाल नागराज की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई। बाद में जब संवाददाता सम्मेलन शुरु हुआ तब आंदोलन समिति ने मांग की कि कर्नाटक बंद २५ जनवरी के बदले ४ फरवरी को हो जिस दिन मोदी बंेगलूरु आएंगे। समिति की इस मांग पर वाटाल नागराज ने कहा कि २५ जनवरी की बंद की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं इसलिए अब इसे आगे नहीं बढाया जा सकता है। इस पर समिति सदस्यों ने अपनी नाराजगी जाहिर की और वाटाल नागराज से सवाल किया कि जब पिछले ९१५ दिनों से इस आंदोलन का नेतृत्व वे लोग कर रहे हैं तब बिना उनसे विचार किए २५ जनवरी को बंद का निर्णय कैसे किया गया? इस पर दोनों पक्षों में कुछ समय तक तीखी बहसबाजी होती रही और मामला दक्षिण कर्नाटक और उत्तर कर्नाटक में बंटता दिखने लगा। समिति के सदस्यों ने वाटाल नागराज सहित अन्य कन्ऩड संगठनों का दक्षिण कर्नाटक का संगठन बताते हुए अपना गुस्सा उतारा। यह भी कहा गया कि २५ जनवरी का बंद मुख्यमंत्री सिद्दरामैया की मंजूरी मिलने के बाद घोषित हुआ है जिसे वाटाल ने नकार दिया। द्बह्ख्रर्‍ ·र्ैंह् ॅ·र्ैं ्यख्यय्फ् झ्य्द्मर्‍ द्मब्र्‍्र ्यद्बयष्ठख्य्, द्यय्ब्रुय ·र्ैंह् ्यख्रक्वय्ॅैंख्ष्ठ ·र्ैंय्यय् द्वय्ैंठ्ठय्हालांकि बाद में दोनों पक्षों ने बंद कमरे में कुछ समय तक बैठक की जिसके बाद कहा गया कि पूर्व निर्धारित घोषणा के तहत २५ जनवरी को कर्नाटक बंद रहेगा लेकिन ४ फरवरी को सिर्फ बेंगलूरु बंद होगा क्योंकि उस दिन प्रधानमंत्री बेंगलूरु आएंगे। वाटाल ने कहा कि २५ जनवरी के बंद को राज्य के २३०० से ज्यादा संगठनों का समर्थन मिल रहा है और उस दिन सभी सरकारी कार्यालय, शिक्षण संस्थान, बसें, पेट्रोल पम्प आदि बंद रहेंगे। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त ४ फरवरी के बेंगलूरु बंद के दौरान हम यह सुनिश्चित करेंगे कि भाजपा की परिवर्तन रैली , जिसे मोदी संबोधित करेंगे, उसमें भी़ड जाना तो दूर मोदी को एक गिलास पानी भी न मिले। एक सवाल पर वाटाल ने कहा कि हमारा विरोध प्रदर्शन किसी राजनीति दल के समर्थन से नहीं है बल्कि आने वाले समय में जब कांगे्रस अध्यक्ष राहुल गांधी की होसपेट में रैली होगी तब हम उन्हें काला झंडा दिखाएंगे। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि राहुल गांधी यह आश्वस्त करें कि कलसा-बंडूरी परियोजना पर गोवा कांग्रेस के नेता कोई विरोध नहीं करेंगे।

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