बेंगलूरु/दक्षिण भारतकर्नाटक विधानसभा चुनाव के अब महज तीन सप्ताह बचे हैं। राज्य के गृहमंत्री रामलिंगा रेड्डी सातवीं बार विधायक बनने को बेताब हैं। वह कुछ ऐसे नेताओं में हैं, जिन्हें हराना मुश्किल सा है। बीटीएम लेआउट विधानसभा से वह दो बार लगातार विधायक रह चुके हैं। कांग्रेस ने उन्हें इसी सीट से तीसरी बार चुनाव मैंदान में उतारा है। इससे पहले वह बेंगलूरु और जयनगर सीटों से भी विधायक रह चुके हैं। रामलिंगा अपनी जीत तय मान रहे हैं लेकिन भाजपा ने इस क्षेत्र में अपराध की दर सबसे अधिक होने को चुनावी मुद्दा बना रही है। पार्टी ने रेड्डी बंधुओं में एक लल्लेश रेड्डी को यहां से चुनावी मैदान में उतारा है। उन्होंने सिविल इंजीनियरिंग के साथ एमबीए भी किया है। पार्टी ने अंतिम लिस्ट में उनके नाम की घोषणा की है।जानकारी के मुताबिक, इस सीट के सियासी समीकरणों को समझते हुए प्रदेश भाजपा ने पीएम मोदी से बीटीएम ले-आउट में भी प्रचार करवाने का निर्णय लिया है। इस विधानसभा सीट की खासियत यह भी है कि एक तरफ जहां देशभर के राज्यों में चुनाव के वक्त गरीबी, भ्रष्टाचार, महंगाई जैसे मुद्दों पर चुनाव ल़डे जाते हैं, वहीं यहां प्रदूषण का ब़ढता स्तर चुनावी मुद्दा बन चुका है। गृहमंत्री को इससे बचने के उपाय बताने प़ड रहे हैं। उनके विरोध में आम आदमी पार्टी ने भी अपना उम्मीदवार मैदान में उतारा है। ’’आप’’ के सैयद अब्बास यहां बतौर प्रत्याशी अपना नामांकन दाखिल कर चुके हैं। वहीं, रामलिंगा रेड्डी के मुताबिक उनके सामने कोई गंभीर चुनौती नहीं है। वह कहते हैं कि इस सीट पर भाजपा और आप मजबूत दावेदारी पेश नहीं कर पा रही है।

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