बेंगलूरु। बेंगलूरु। चैंबर ऑफ इंडस्ट्री एंड कॉमर्स (बीसीआईसी) ने गुरुवार को केन्द्रीय बजट को कृषि, बुनियादी ढांचा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने वाले बजट के रूप में करार दिया है जो वैश्विक अर्थव्यवस्था में स्थिरता और विदेशी राजनीतिक अनिश्चितताओं के बावजूद देश के मैक्रोइकॉनॉमिक्स को ब़ढावा देगा। बीसीआईसी के प्रत्यक्ष कर विशेषज्ञ समिति के अध्यक्ष केआर सीकर ने कहा कि बजट में ग्रामीण अर्थव्यवस्था के निर्माण के लिए निर्धारित नीति-उन्मुख घोषणाएं और लक्ष्य हैं जिससे नौकरियों का निर्माण, बुनियादी ढांचे को ब़ढावा देने, एसएमई क्षेत्र को ब़ढावा देने, डिजिटल भारत को एकीकृत करने, सार्वजनिक क्षेत्र में विनिवेश, सामाजिक क्षेत्र में सुधार, कृषि क्षेत्र और शिक्षा पर निवेश और कौशल विकास होगा जिससे समग्र आर्थिक विकास को ब़ढावा मिलेगा। ·र्ैंय्ज्रू फ्ैंच्चय् द्मष्ठ द्धज्ट्ट ·र्ैंह् फ्द्यय्ब्य्कर्नाटक काजू निर्माता संघ एसोसिएशन मंेगलूरु ने केंद्रीय बजट २०१८ में कच्चे काजू पर सीमा शुल्क ५ प्रतिशत से घटाकर २.५ प्रतिशत करने के प्रस्ताव का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि इसे काजू प्रसंस्करण उद्योग को प्रोत्साहित करने की दिशा में लिया गया कदम बताया। एसोसिएशन ने कहा कि काजू निर्माताओं को सीमा शुल्क ड्यूटी पर पूरी राहत की उम्मीद थी। हम कच्चे काजू पर सीमा शुल्क नहीं लगाने के लिए केंद्र से आग्रह कर रहे हैं। इसलिए हम इस फैसले पर फिर से विचार करने के लिए केंद्र से अपील करेंगे।

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