चेन्नई। सोमवार को राज्य विधानसभा के सभा में पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता की तस्वीर का विमोचन किया गया। इस कार्यक्रम का राज्य की विपक्षी पार्टियों द्वारा विरोध किया गया। यह तस्वीर सात फुट ऊंची और पांच फीट चौ़डी है और इसके नीचे ‘अमैधी वालम वरची’’ लिखा है। यह जयललिता का मंत्र माना जाता है। इस तस्वीर का अनावरण राज्य विधानसभा अध्यक्ष पी धनपाल ने मुख्यमंत्री ईडाप्पाडी के पलानीस्वामी और उप मुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम की उपस्थिति में किया। ज्ञातव्य है कि राज्य विधानसभा में राज्य के सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों की तस्वीर है। इसके साथ ही यहां पर तमिल भाषा के महान कवि तिरुवल्लूर, द्रवि़ड क्रांति के जनक माने जाने वाले ईवीआर पेरियार और भारत के संविधान के रचयिता बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की तस्वीर लगी है। जयललिता की तस्वीर राज्य विधानसभा में लगाई गई किसी नेता की तेरहवीं तस्वीर है। इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पलानीस्वामी ने कहा कि जब तक पृथ्वी है तब तक इस दुनिया में जयललिता का नाम रहेगा। उन्होंने कहा कि ‘अम्मा’’ अभी भी राज्य पर शासन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि जयललिता ने दुनियाभर का ध्यान अपनी ओर आकृष्ट किया और इस विधानसभा में ईितहास कायम किया उन्होंने कहा कि मुझे ऐसा महसूस हो रहा है कि आज जयललिता यहां व्यक्तिगत तौर पर उपस्थित हैं और हमें आशीर्वाद दे रही हैं।उन्होंने जयललिता की इस एतिहासिक जीत को भी याद किया जिसमें उन्होंने अकेले अखिल भारतीय अन्ना द्रवि़ड मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) को नेतृत्व करते हुए वर्ष २०१४ के लोकसभा चुनाव में राज्य की ३९ सीटों में से ३७ सीटों पर जीत हासिल की और अपनी पार्टी को लोकसभा की तीसरी सबसे ब़डी पार्टी बना दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जयललिता ने राज्य के लोगों के अधिकरों के लिए कार्य किया और उनके ही प्रयासों से राज्य को कावेरी नदी के पानी का वाजिब हिस्सा प्राप्त करने में कामयाबी मिली। मुख्यमंत्री ने कहा कि जयललिता ने हमेशा महिलाओं को अधिकार दिलाने की ल़डाई ल़डी और राज्य की महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रुप से सशक्त बनाने के लिए उनके द्वारा किए गए कार्य हमेशा याद रखे जाएंगे। अपने भाषण में उपमुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम ने कहा कि जयललिता यह जानती थी कि वह विधानसभा को चलाना जानती थी और यही कारण रहा कि उन्होंने इतिहास रच दिया। उन्होंने राज्य के लोगों के कल्याण के लिए कई योजनाएं शुरु की जिसकी पूरी देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी प्रशंसा की गई। लोगों के प्रति उनके प्यार ने ही उन्हें एक ऐसा स्थान दिया जिसकी सदियों में कोई बराबरी नहीं कर सकता है। पन्नीरसेल्वम ने कहा कि राज्य में जयललिता के स्मारक का निर्माण करवाने की दिशा में भी समुचित कदम उठाए जा रहे हैं। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जयललिता विधानसभा के अंदर अकेले शेरनी तरह दहा़डा करती थी। जब उनका निधन हुआ हम सभी को लगा कि हम बिना पतवार के एक नौका में बैठकर समुद्र की लहरों से संघर्ष कर रहे हैं। इस कार्यक्रम का राज्य की विपक्षी पार्टी द्रवि़ड मुनेत्र कषगम (द्रमुक) और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग ने इसका बहिष्कार किया। हालांकि भारतीय जनता पार्टी ने इस कार्यक्रम का समर्थन किया। विपक्षी पार्टियों का कहना था कि जयललिता को आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले मेंं दोषी करार दिया गया था और ऐसे में उनकी तस्वीर का अनावरण विधानसभा में नहीं किया जाना चाहिए।द्रवि़ड मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के कार्यकारी अध्यक्ष एमके स्टालिन ने इस कार्यक्रम का बहिष्कार कर बाहर निकलने के बाद पत्रकारों से कहा कि उनकी पार्टी अन्नाद्रमुक सरकार द्वारा विधानसभा में जयललिता की तस्वीर का अनावरण करने के कदम की नींदा करती है क्योंेंकि जयललिता को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में दोषी करार दिया गया था। उन्होंने कहा कि जयललिता की तस्वीर का विधानसभा में अनावरण करना वहां पहले से मौजूद अन्य नेताओं की तस्वीरों का अपमान है।

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