चेन्नई। गुरुवार को राज्य विधानसभा में राज्य के वित्त मंत्री का अतिरिक्त प्रभार रखने वाले उप मुख्यमंत्री द्वारा पेश किए गए बजट का विरोध करने के लिए राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी द्रवि़ड मुनेत्र कषगम(द्रमुक) के विधायक काली कमीज पहनकर विधानसभा पहुंचे। द्रमुक विधायकों ने पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष एमके स्टालिन के नेतृत्व में केन्द्र सरकार द्वारा सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार छह सप्ताह के भीतर कावेरी प्रबंधन बोर्ड का गठन नहीं किए जाने के कारण विरोध करते हुए विधानसभा से बहिर्गमन कर गए। जैसे ही पन्नीरसेल्वम राज्य विधानसभा मेंे वर्ष २०१८-१९ का बजट पेश करने के लिए ख़डे हुए विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष एमके स्टॉलिन अपनी सीट से उठकर ख़डे हुए और विधानसभा अध्यक्ष से कावेरी नदी के पानी के प्रबंधन के लिए अभी तक केन्द्र सरकार द्वारा सर्वोच्च न्यायालय के आदेशनुसार कावेरी प्रबंधन बोर्ड(सीएमबी) का गठन नहीं करने के मुद्दे को उठाने की अनुमति मांगी लेकिन विधानसभा अध्यक्ष पी धनपाल ने उन्हें यह मुद्दा उठाने की अनुमति नहीं दी और पन्नीरसेल्वम को अपना बजट भाषण जारी रखने के लिए कहा। इसके बाद स्टालिन के नेतृत्व में द्रमुक के सभी विधायक बजट सत्र का विरोध करते हुए विधानसभा से बाहर निकल गए और बजट सत्र का बहिष्कार कर दिया। द्रमुक के विधायकों के विधानसभा से ूहिर्गमन करते ही इसके गठबंधन मंें शामिल अन्य पार्टियों कांग्रेस और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के विधायक भी बजट सत्र का बहिष्कार करते हुए विधानसभा से बाहर निकल गए। विधानसभा से निकलने के बाद स्टालिन ने विधानसभा परिसर के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए, ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने १६ फरवरी के अपने आदेश में कावेरी जल के बंटवारे के लिए केन्द्र सरकार को छह सप्ताह के भीतर कावेरी प्रबंधन बोर्ड का गठन करने का निर्देश दिया था लेकिन केन्द्र सरकार ऐसा करने में विफल हुई और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कावेरी मुद्दे पर चर्चा करने के लिए राज्य के सर्वदलीय प्रतिनिधि मंडल को मिलने का समय देने से इंकार कर रही है इसलिए द्रमुक इस बजट सत्र का बहिष्कार कर रही है। उन्होंने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर चर्चा के लिए २२ फरवरी को राज्य की सत्तारुढ अखिल भारतीय अन्ना द्रवि़ड मुनेत्र कषगम(अन्नाद्रमुक) द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया था कि विभिन्न पार्टियों के सांसदों, विधायकों और किसान संगठनों के प्रतिनिधियों का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात करेगा ।और उन्हें कावेरी प्रबंधन बोर्ड का गठन करने के साथ ही सुप्रीम कोर्ट के आदेश में राज्य के हित में दिए गए अन्य आदेशों को लागू करने का अनुरोध करेगा। हालांकि प्रधानमंत्री मोदी ने इस प्रतिनिधिमंडल से मिलने के लिए समय नहीं दिया।द्रमुक नेता ने कहा कि हाल ही में तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के प्रतिनिधियों की एक सलाहकार बैठक केंद्रीय जल संसाधन सचिव उपेंद्र प्रसाद सिंह की अगुवाई में नई दिल्ली में हुई थी। इस बैठक के बाद भी केन्द्र सरकार ने कावेरी प्रबंधन बोर्ड का गठन करने के बारे में कोई संकेत नहीं दिया। इसके बदले एक केन्द्रीय मंत्री द्वारा सुप्रीम कोर्ट द्वारा अपने आदेश में सीएमबी के लिए उपयोग किए गए शब्द को गलत मायने में पेश करने की कोशिश की गई।

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