चेन्नई। राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित ने गुरुवार को कहा कि भारतीय रेल राष्ट्र निर्माण में एक भागीदार है और इसकी मदद से देश में रोजगार के अवसरों और आर्थिक गतिविधियों को ब़ढावा मिलेगा। राज्यपाल ने गुरुवार को यहां अम्बेडकर अरंगम में इंटरनेशनल रेल कोच एक्सपो-२०१८ का शुभारंभ करने के बाद यह बात कही। इस प्रदर्शनी में कई वैश्विक रेल कोच उत्पादन इकाइयां अपने उत्पादों को प्रदर्शित कर रही हैंै तथा इस निर्माण से जु़डी प्रौद्योगिकियों को भी प्रदर्शित किया गया है। प्रदर्शनी अम्बेडकर अरांगम से थो़डी दूरी पर स्थित आरपीएफ परेड ग्राउंड में लगाई है और १७ मई तक चलेगी। इसमें अंदरूनी यात्री सुविधाओं और अन्य आरामजनक सुविधाओं सहित रोलिंग स्टॉक डि़जाइन वाले रेल कोच भी प्रदर्शित किए जाएंगे। प्रदर्शनी १७ और १८ मई को ३ बजे से शाम ६ बजे के बीच आम नागरिकों के लिए खुली रहेगी।द्नय्द्यत्रर्‍द्भ द्यष्ठध् द्मष्ठ ृद्ध त्र·र्ैं त्रद्भ ्य·र्ैंद्भय् ब्स् ध्ैंद्धय् फ्र्ड्डैंद्यइसमें भारतीय और विदेशी रेल कोच उत्पादन इकाइयों द्वारा ७० से अधिक स्टाल लगाए गए हैं। राज्यपाल ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय रेल ने महाराष्ट्र के बोरिबंदर और ठाणे के बीच अपनी पहली ट्रेन का परिचालन करने के बाद से अब तक काफी लंबा सफर तय कर चुका है। राज्यपाल ने कहा भारतीय रेल द्वारा पहली बार तीन इंजनों की मदद से १४ डिब्बों को पटरियों पर दौ़डाया गया था और इससे ३४ किलोमीटर की दूरी तय की गई थी। उन्हांेंने कहा कि वर्तमान में भारतीय रेलवे १५ लाख से अधिक लोगों को रोजगार देता है और प्रतिदिन ८९ लाख से अधिक लोगों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुंचाता है। द्मंश्च फ्रु्यप्थ्य्ृह्र फ्ष्ठ द्भय्यॠद्भह्र ·र्ैंह् ्यद्बध्ष्ठख्य् द्मद्भय् ृद्मरुद्नप्पुरोहित ने कहा कि जीपीएस सक्षम ट्रैकिंग सिस्टम जैसी प्रौद्योगिकियों के कारण भारतीय रेल अपनी सेवाआंे को नई ऊंचाई पर ले जाएगा। इस अवसर पर मौजूद रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष अश्विनी लोहानी ने कहा कि भारतीय रेल यात्रियों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने के उद्देश्य से बहुत सारे काम कर रहा है। हाई स्पीड ट्रेनों का परिचालन, आधुनिक सुविधाओं और सुरक्षा पहलुओं के साथ लैस रेल डिब्बों का निर्माण करने और इन्हें बे़डे में शामिल करने के बाद भारतीय रेल के यात्रियांे को एक नया अनुभव मिलेगा। उन्होंने कहा कि हाल ही में गुजरात के अहमदाबाद में हाई स्पीड ट्रेन संचालित करने की सुविधाओं के निर्माण की आधारशिला रखी गई है। इस प्रकार की सेवाओं को शुरु करने के बाद ट्रेनों में यात्रा करते समय यात्रियों को मौजूदा समय में होने वाले अनुभव में एक आदर्श बदलाव देखने को मिलेगा।ृय्ंश्चफ्र्‍ॅर्ड्डैं ·र्ैंर्‍ ब्द्य प्प्तश्च ु्रु्रु्रु ·र्ैंह्घ् द्धद्मय्द्मष्ठ ·र्ैंर्‍ ब्स् द्भह्ज्द्मय् इंटिग्र्रेटेड कोच फैर्क्टी (आईसीएफ) के महाप्रबंधक एस मणि ने कहा कि आईसीएफ ने आज तक ५७,००० रेल डिब्बों का निर्माण किया है। उन्होंने बताया कि हर वर्ष आईसीएफ द्वारा १०० किस्मों की कोचों का निर्माण किया जा रहा है और इस वर्ष से हम प्रत्येक वर्ष ३,००० रेलवे डिब्बों का निर्माण करने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम कुछ ऐसे रेल डिब्बों का निर्माण करने की योजना पर कार्य कर रहे हैं जो वैश्विक मानकों से भी एक कदम आगे होगा। उन्होंने आईसीएफ द्वारा रेल डिब्बों के निर्माण के लिए किए जा रहे नए प्रयोगों और इसके द्वारा अपने उत्पादन की गुणवत्ता को बढाने के लिए हाल के कुछ वर्षों में उठाए गए महत्वपूर्ण कदमों के बारे में भी बताया।द्यष्ठध् ·र्ैंह्घ् ्यद्मद्बय्श्चह्लय् ·द्द ूय्ष्ठख़य् द्बष्ठ्र प्ल्यह ·र्ैंर्‍ र्द्बर्‍ख्रकार्यक्रम में मौजूद कंफेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (सीआईआई) के दक्षिणी क्षेत्र के चेयरमैन आर दिनेश ने कहा कि वह मौजूदा समय में आधुनिक रेल डिब्बों का निर्माण करने के क्षेत्र पर अपना ध्यान के्द्रिरत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि रेलवे कोच बनाने के क्षेत्र में विकास की अपार संभावनाएं हैं। आईसीएफ जैसे संगठन निजी क्षेत्र के साथ २,५०० करो़ड रुपए का कारोबार करते हैं और हम उम्मीद करते हैं कि आने वाले वर्षों में इस क्षेत्र में पांच गुना वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि देश में कई ऐसी उत्पादन इकाइयां हैं जो इस नए व्यापार क्षेत्र में रुचि दिखा रही है। हमें अपनी जरुरतों को पूरा करने के साथ ही इस क्षेत्र की वैश्विक जरुरतों को पूरा करने की ओर भी देखने की आवश्यकता है।झ्ब्ध्र्‍ द्धय्द्य ख्रष्ठप्रय् द्बष्ठ्र ृय्द्भह्यज्त्र ब्ह् द्यब्र्‍ ंफ् झ्श्न·र्ैंय्द्य ·र्ैंर्‍ झ्श्नख्रप्रय्श्चद्मर्‍इस कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने ’’एक आगे बढ रहे देश के लिए नए युग कोच’’ नामक पुस्तिका और एक प्रदर्शनी सूची का विमोचन भी किया। ऐसा बताया जा रहा है कि रेलवे द्वारा यात्री कोच पर के्द्रिरत इस पैमाने का अंतरराष्ट्रीय एक्सपो भारत में पहली बार आयोजित किया जा रहा है। यह विभिन्न रेल डिब्बा निर्माण इकाइयों को एक छत के नीचे लाने और ’’मेक इन इंडिया’’ के लिए इनके बीच तालमेल कायम करने का एक अद्वितीय मंच साबित होगा। सीआईआइ,आईसीएफ और आरआईटीईएस लिमिटेड द्वारा आयोजित इस प्रदर्शनी के दौरान रेल कोच और ट्रेन सेट से संबंधित विशेष विषयों पर सेमिनारों का भी आयोजन होगा। यह भारतीय रेल के नीति निर्धारकों और आईसीएफ और भारतीय रेल की अन्य उत्पादन इकाइयों के वरिष्ठ अधिकारियों को एक साथ लाने का भी एक नायाब मंच होगा।

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