चेन्नई। कर्नाटक में बिना बहुमत के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता बीएस येड्डीयुरप्पा को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाए जाने को लेकर द्रवि़ड मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के कार्यकारी नेता एम के स्टालिन ने क़डी निंदा की है। स्टालिन ने प्रधानमंत्री पर आरोप लगाया है कि उन्होंेने कर्नाटक के राज्यपाल कार्यालय का दुरूपयोग किया है। स्टालिन ने संवाददाताओं से कहा कि कर्नाटक में जो हुआ है ठीक वैसा ही यह तमिलनाडु में कर चुके हैं। स्टालिन ने कहा, हम सभी ने देखा कि कैसे प्रधानमंत्री ने तमिलनाडु के राज्यपाल कार्यालय का दुरुपयोग किया था। ठीक ऐसा ही इन्होंने कर्नाटक में भी किया। यह पूर्ण रूप से लोकतंत्र के खिलाफ है। मैं इसकी घोर निंदा करता हूं्। राज्यपाल वजुभाई वाला द्वारा भाजपा को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किए जाने को जल्दबाजी और असंवैधानिक बताते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि इससे खरीद-फरोख्त को ब़ढावा मिलेगा। स्टालिन ने ट्वीट किया कि कांग्रेस, जद (एस) और बसपा के चुनाव बाद गठबंधन के पास बहुमत होने के बाद भी राज्यपाल द्वारा भाजपा को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया जाना मनमाना और असंवैधानिक है। उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा कि तमिलनाडु के लोग अखिल भारतीय अन्ना द्रवि़ड मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) की ’’भ्रष्ट’’ सरकार को बचाने के लिए भाजपा के प्रयासों से परिचित हैं। उन्होंने दावा किया कि अन्नाद्रमुक सरकार को भी विधानसभा में बहुमत नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्रवाइयों से संवैधानिक संस्थाओं और सिद्धांतों को खतरा है। ज्ञातव्य है कि गत मंगलवार को कर्नाटक विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद राज्य में किसी भी दल को पूर्ण बहुमत नहीं मिला। २२४ विधानसभा सीट में से २२२ पर चुनाव हुए और भाजपा १०४ सीटों पर जीत दर्ज कर सबसे ब़डी पार्टी के रूप में सामने आई। कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई वाला ने बीजेपी विधायक दल के नेता बीएस येड्डीयुरप्पा को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया। इस सूचना के बाद कांग्रेस और जनता दल (एस) सुप्रीम कोर्ट चले गए। शपथ ग्रहण को रोकने की अपील पर रात में सुनवाई हुई और कोर्ट ने इस पर रोक लगाने से इंकार कर दिया। इसके बाद गुरुवार को सुबह ९:३० बजे बीएस येड्डीयुरप्पा ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली।

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