मदुरै। राज्य के मदुरै जिले स्थित आलंगनल्लूर में बहुप्रतिक्षित जलीकट्टू खेल का मुख्यमंत्री ईके पलानीस्वामी और उपमुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम ने मंगलवार को संयुक्त रुप से शुभारंभ किया। आलंगनल्लूर में जलीकट्टू का आयोजन राज्य सरकार द्वारा किया जा रहा है। इस खेल का शुभारंभ करने के बाद मुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम ने कहा कि इस खेल में बैलों को किसी प्रकार से प्रताि़डत नहीं किया जाता है। बैलों के मालिक जलीकट्टू में हिस्सा लेने वाले बैलों को बिल्कुल अपने बच्चे की तरह पालते हैं। मैं यह देख सकता हूं कि कितने उल्लास से इस पर्व को मनाया जा रहा है।द्बरुद्भद्बैं्यख़य्द्भह्र द्मष्ठ झ्श्न्यत्रद्नय्यख्द्भह्र ·र्ैंह् ्यख्रध्य्ंश्च प्रय्झ्त्र्मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं इस खेल के आयोजकों को धन्यवाद देना चाहता हूं जिन्होंने इसका आयोजन जितना संभव हो सके उतने व्यापक ढंग से किया है और इस खेल को पूरी दुनिया देख सकते हैं। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर एक शपथ ग्रहण करवाई, जिसको सभी उपस्थित लोगों ने दोहराया। मुख्यमंत्री ने सभी प्रतिभागियों को इसकी शपथ दिलाई कि वह खेल के दौरान बैलों और सांडों को किसी प्रकार से नुकसान नहीं पहुंचाएंगे। इस खेल में राज्य के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे लगभग १,१५० पशुपालकों और १,००० सांडों ने हिस्सा लिया।र्झ् द्बरुद्भद्बैंख़य्र्‍ द्मष्ठ ज्ध्र्‍·र्ैंभम् ·र्ैंह् द्धत्रय्द्भय् फ्य्ब्यफ्·र्ैं क्वष्ठध्उप मुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य की अखिल भारतीय अन्ना द्रवि़ड मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) सरकार राज्य की परंपराओं और संस्कृति की रक्षा के बारे में एक स्पष्ट राय रखती है। उन्होंने कहा कि सरकार राज्य की परंपराओं और संस्कृति की रक्षा करने के लिए हर संभव कदम उठाएगी। उन्होंने याद दिलाया कि जलीकट्टू से प्रतिबंध हटवाने के लिए उन्होंने किस प्रकार कार्य किया था। पन्नीरसेल्वम ने कहा कि जलीकट्टू राज्य के साहसी युवाओं के साहस का परिचय देने वाला एक पारंपरिक खेल है। ख्रप्रय्श्च·र्ैंह्र ·र्ैंर्‍ फ्रुद्यूय्य् ·र्ैंय् द्यक्वय् ख्द्भय् त्र्य् क्द्भय्द्मइस खेल का मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री द्वारा शुभारंभ करने के तुरंत बाद एक सांड को खेल के लिए निर्धारित स्थान में छो़डा गया जिसका सभी उपस्थित लोगों ने सीटी बजाकर और करतल ध्वनि से स्वागत किया। इस खेल को देखने के लिए राज्य और देश के विविध हिस्सों से आए लोगों के साथ ही कुछ विदेशी लोग भी आए थे। सभी दर्शकों को सुरक्षित रखने के लिए खेल के स्थान और दर्शक दीर्घा के बीच बांस और लक़डी की मदद से दो बार घेराबंदी की गई थी। दर्शक दीर्घा के लोग खेल वाले स्थान में प्रवेश नहीं कर सके इसके लिए खेल आयोजन समिति द्वारा अपने स्वयंसेवकों को तैनात किया था।्यप्ज्ष्ठत्रय् ·र्ैंह् ख्रर्‍ ख्ंश्च द्मंश्च ·र्ैंय्द्यखेल आयोजन स्थल पर लगभग १००० पुलिसकर्मियों को तैनात रखा किया गया था। इसके साथ ही खेल के आयोजन स्थल पर चिकित्साकर्मियों की चार टीमों, चार एंबुलेंसों और पशु चिकित्सकों की चार टीमों को भी तैनात किया गया था। कार्यक्रम के समापन पर मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री ने प्रथम स्थान पर रहने विजेता को कार और दूसरे और तीसरे स्थान पर रहने वाले प्रतिभागियों को मोटरसाइकिल की चाभियां सौंपी। इसके साथ ही अच्छा प्रदर्शन करने वाले अन्य प्रतिभागियों को विभिन्न प्रकार के बर्तन उपहार स्वरुप भेंट किए गए। पूरा खेल भारतीय पशु कल्याण बोर्ड के सदस्य एसके मित्तल की अगुवाई में गठित एक कमेटी की निगरानी में संपन्न हुआ।·र्ैंंश्च द्बैंख़य्र्‍ ृय्स्द्य द्मष्ठत्रय् द्यब्ष्ठ र्झ्यडत्र्त्रइस अवसर पर राज्य के वन मंत्री डिंडिगल श्रीनिवासन, राजस्व मंत्री आरबी उदयकुमार, सहकारिता मंत्री सेल्लूर के राजू,सूचना एवं प्रचार मंत्री कादम्बूर राजू, डेयरी विकास मंत्री केटी राजेन्द्र बालाजी, आदि द्रवि़डार कल्याण मंत्री राजलक्ष्मी, सूचना एवं तकनीक मंत्री एम मणिकंडन, रामनाथपुरम के सांसद अनवर राजा, मदुरै दक्षिण के विधायक राजन चेल्लप्पा और अखिल भारतीय अन्ना द्रवि़ड मुनेत्र कषगम के अन्य पदाधिकारियों के साथ ही कुछ अन्य पार्टियों के नेता भी उपस्थित थे। खेल आयोजन समिति द्वारा सभी अतिथियों का सम्मान किया गया।

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