चेन्नई। राज्य के मत्स्य मंत्री डी जयकुमार ने शुक्रवार को कहा कि यदि भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) के नेता एच राजा और एस वी शेखर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई जाती है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इन दोनों भाजपा नेताओं ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आपत्तिजनक टिप्पणी की है जिसके बाद से राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी द्रवि़ड मुनेत्र कषगम(द्रमुक) सहित राज्य की अन्य विपक्षी पार्टियों द्वारा विरोध किया जा रहा है। जयकुमार ने शुक्रवार को यहां पत्रकारों से बातचीत में एच राजा और एसवी शेखर को सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के लिए ‘साइबर साइको’’ करार दिया।डी जयकुमार ने कहा कि राज्य सरकार मुख्यमंत्री ईके पलानीस्वामी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में एच राजा के खिलाफ मामला दर्ज कराएगी। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार यदि राज्य के पत्रकार आगे आते हैं और पत्रकारों के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले भाजपा नेता एसवी शेखर के खिलाफ मामला दर्ज कराते हैं तो उन्हें (शेखर को) हिरासत मंे लिया जाएगा और उनके खिलाफ समुचित कार्रवाई की जाएगी।मंत्री ने कहा कि सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए इस प्रकार की ओछी टिप्पणी करना उनकी(भाजपा नेताओं की) आदत बन गई है। ज्ञातव्य है कि एसवी शेखर ने अपने फेसबुक अकाउंट पर महिला पत्रकारों के बारे में एक आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। उनके द्वारा लिखा गया यह विवादास्पद फेसबुक पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद और इसकी चौतरफा अलोचना होने के बाद उन्होंने अपने फेसबुक पेज से वह विवादास्पद पोस्ट शुक्रवार को हटा ली। इस संबंध में एसवी शेखर ने शुक्रवार को पत्रकारों से कहा कि अमेरिका से किसी ने उनके फेसबुक अकाउंट पर यह पोस्ट फॅारवर्ड की थी और उन्होंने इसे अपने फेसबुक पेज पर शेयर करने के लिए अफसोस जाहिर किया।जयकुमार ने कहा कि राज्य सरकार सहायक व्याख्याता निर्मला देवी की संलिप्तता वाले कथित यौन उत्पी़डन मामले में यह सुनिश्चित करने की कोशिश करेगी कि सच्चाई सामने आए। उन्होंने कहा कि इस मामले में सरकार को किसी को बचाने की जरुरत नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित द्वारा इस मामले की जांच के लिए जांच आयोग गठित करने से राज्य पुलिस की अपराध शाखा के अपराध अन्वेषण विभाग(सीबी-सीआईडी) द्वारा की जा रही जांच प्रभावित नहीं होगी। उन्होंने कहा कि न तो राज्यपाल द्वारा गठित जांच आयोग सीबी-सीआईडी की जांच में हस्तक्षेप करेगा और न ही सीबी-सीआईडी द्वारा आयोग के कार्य में किसी प्रकार की दखल दी जाएगी।मंत्री ने कहा कि सरकार ने सीबी-सीआईडी के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जल्द से जल्द अपनी जांच पूरी कर इस मामले में सच्चाई सामने लाएं। जयकुमार ने कहा कि जांच अधिकारियों द्वारा निजी कॉलेज के व्यख्याताओं के साथ ही मदुरै कामराज विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों से भी पूछताछ की जा रही है और इस मामले में जो भी संलिप्त पाया जाएगा उसे कानून के अनुसार समुचित सजा दी जाएगी।

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