बेंगलूरु/दक्षिण भारतकर्नाटक के मुख्य चुनाव अधिकारी संजीव कुमार ने हासन जिले के प्रभारी मंत्री ए. मंजु की एक शिकायत पर कार्रवाई करने से पूर्व संबंधित मामले की जांच रिपोर्ट मिलने का इंतजार करने की बात कही है। मंगलवार को यहां पत्रकारों से बातचीत में संजीव कुमार ने कहा कि मंजु के खिलाफ हासन जिला प्रशासन ने आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप में प्राथमिकी दर्ज करवाई है। मंजु ने इस कार्रवाई को जिले की डिप्टी कमिश्नर रोहिणी सिंदूरी की ओर से व्यक्तिगत नाराजगी की वजह से उठाया गया कदम करार देते हुए डिप्टी कमिश्नर के तबादले की मांग की है। वहीं, संजीव कुमार ने कहा कि इस मामले की जांच के लिए सहायक कमिश्नर स्तर के एक अधिकारी को जांच का जिम्मा सौंपा गया है। उनकी रिपोर्ट मिलने के बाद ही इस विषय में कोई निर्णय लिया जाएगा। राज्य में आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद बगैर हुकुम जमीन को वैध कर हासन के कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को लाभ पहुंचाने के आरोप में हासन जिला प्रशासन द्वारा जिला प्रभारी मंत्री के खिलाफ की गई कार्रवाई पर पत्रकारों के प्रश्न का उत्तर देते हुए मुख्य चुनाव अधिकारी ने कहा, ’’हम सहायक कमिश्नर की जांच रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद भारतीय चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसार ही इस मामले में आवश्यक कार्रवाई करेंगे।’’ उन्होंने कहा कि जिन चुनाव अधिकारियों के खिलाफ बच्चों के नामकरण या विवाह समारोह में भाग लेनेवाले राजनेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ जरूरत से ज्यादा सख्ती बरतने का आरोप लगा है, उन्हें समझाइश दी गई है कि ऐसे सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल होने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करने से बचें्। उन्होंने स्पष्ट किया कि आदर्श आचार संहिता के तहत सामाजिक कार्यक्रमों में भाग लेने पर किसी प्रकार की पाबंदी नहीं है। उन्होंने कहा, ’’चुनाव अधिकारियों को सलाह दी जाती है कि ऐसे कार्यक्रमों में भाग लेने वाले लोगों को परेशान न किया जाए्। इसके साथ ही विभिन्न राजनेताओं से जु़डे लोगों के मामले में बेहद सतर्कता के साथ काम करना होगा, जो विवाह और अन्य कार्यक्रमों के बहाने स्थानीय मतदाताओं को रिझाने के प्रयास करते हैं्। ऐसे कार्यक्रमों पर चुनाव अधिकारियों को पूरी सतर्कता से नजर रखनी होगी।’’ जानकारी के मुताबिक, कुछ रिपोर्ताज में विभिन्न चुनाव अधिकारियों ने नामकरण और वैवाहिक संस्कारों से जु़डे कार्यक्रमों के आयोजन पर रोक लगाई है। कई अधिकारियों ने विभिन्न लोगों द्वारा सामाजिकता के नाते जान-पहचान के परिवारों को भोजन पहुंचाने पर रोक लगाने की भी कोशिश की है, जिसकी तीखी निंदा की गई है। संजीव कुमार ने कहा, ’’मेरे कार्यालय में ब़डी संख्या में निजी और गैर-राजनीतिक संगठनों के पदाधिकारी आकर निहायत निजी कार्यक्रमों के आयोजन की अनुमति हासिल करने की कोशिश करते हैं। इन कार्यक्रमों में किसी राजनीतिक दल या उनके प्रत्याशियों का कोई संबंध नहीं होता। मैंने ऐसे मामलों से जु़डे जिला चुनाव अधिकारियों को निर्देश दिया है कि ऐसे सामाजिक कार्यक्रमों के लिए किसी प्रकार की पूर्व अनुमति की आवश्यकता नहीं है।’’

Facebook Comments

LEAVE A REPLY