चेन्नई। चेन्नई में इंटरनेशनल इंजीनियरिंग सोर्सिंग शो (आईआईएसटी) का शुभारंभ राज्य के उप मुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम,उद्योग मंत्री एम सी संपत और एमएसएमई और ग्रामीण उद्योग मंत्री पी बेंजामिन की उपस्थिति में हुआ। इस प्रदर्शनी में इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी क्षेत्र की वैश्विक कंपनियों की ओर से अपने उत्पादों को प्रदर्शित किया जा रहा है एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार केंद्रीय वाणिज्य सचिव रीता टोटिया और चेक गणराज्य के उद्योग और व्यापार मंत्री टॉमस हंटर भी इस कार्यक्रम में उपस्थित थे। इस शो में ४०० प्रदर्शकों, ५०० विदेशी खरीदारों और १०,००० व्यापारिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया । राज्य सरकार ने भारी इंजीनियरिंग क्षेत्र के विकास के लिए अगले दो वर्षों में ६०७ मिलियन डॉलर का निवेश आकर्षित करने की योजना की घोषणा की है। चेन्नई-बेंगलुरू, चेन्नई-कन्याकुमारी औद्योगिक गलियारों के लिए केंद्र की शीघ्र मंजूरी की मांग करते हुए उप मुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम ने कहा, राज्य सरकार कांचीपुरम और चेन्नई क्षेत्रों में निवेश करने की योजना बना रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अगले वर्ष वैश्विक निवेश सम्मेलन काआयोजन करेगी। इस निवेश सम्मेलन के लिए दुनिया भर के अग्रणी उद्यमियों को राज्य में निवेश के लिए आमंत्रित करने की योजना तैयार की जा रही है। एक बयान में, केंद्रीय वाणिज्य सचिव ने कहा, भारत वैश्विक व्यापार के चैंपियन के रूप में उभर रहा है और अपनी विदेशी प्रत्यक्ष निवेश नीतियों का उदारीकरण कर रहा है। उन्होंने भारतीय निर्यातकों को प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के ’’मेक इन इंडिया’’ कार्यक्रम की सफलता सुनिश्चित करने के लिए अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी और के साथ ही अपने गुणवत्ता सुधार पर काम करने की भी सलाह दी।ईईपीसी इंडिया के चेयरमैन रवि सेहगल ने कहा कि इस प्रदर्शनी का २०१८ संस्करण विशेष रूप से देश के निर्यात और इंजीनियरिंग निर्यात में सुंदर वृद्धि की पृष्ठभूमि में हो रहा है। उन्होंने कहा, इंजीनियरिंग निर्यात भारत के कुल निर्यात में सबसे ब़डा योगदानकर्ता के रूप में उभरा है, जो अप्रैल-जनवरी के दौरान २१ फीसदी ब़ढकर ६२ अरब डॉलर हो गया है।

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