चेन्नई। राज्य की विभिन्न विपक्षी पार्टियों ने मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एच राजा द्वारा सोशल मीडिया पर राज्य में द्रवि़ड क्रांति के जनक पेरियार के बारे में की गई टिप्पणी के कारण उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। राजा ने सोशल मीडिया पर सोमवार को लिखा था कि जिस प्रकार त्रिपुरा में ब्लादिमिर लेनिन और अन्य कम्युनिस्ट क्रांतिकारी नेताओं की प्रतिमाओं को ढहा दिया गया उसी प्रकार तमिलनाडु में पेरियार की प्रतिमा ढहा दी जाएगी।राजा ने अपनी ट्वीट में कहा था ‘ लेनिन कौन है और भारत और लेनिन में क्या संबंध है? भारत का कम्युनिस्टों के साथ क्या संबंध है? त्रिपुरा में लेनिन की प्रतिमा हटा दी गई है। आज त्रिपुरा से लेनिन की प्रतिमा हटाई गई है और कल जाति कट्टरपंथी ईवीआर रामास्वामी की प्रतिमा निशाने पर होगी। हालांकि जब राज्य की राजनीतिक पार्टियों ने राजा के इस ट्वीट का विरोध करना शुरु किया तो उन्होंने इसे अपने आधिकारिक ट्वीटर हैंडल अकाउंट से हटा दिया लेेकिन तब तक राजा के इस ट्वीट का स्नैपशॉट ले लिया गया था और विभिन्न सोशल मीडिया पर इसे शेयर किया जा रहा था।सोमवार को राजा द्वारा किया गया यह ट्वीट मंगलवार तक सोशल मीडिया के लगभग सभी प्लेटफॉर्म पर वायरल हो गया और इसकी आलोचना की जाने लगी। राज्य में न सिर्फ राजनीतिक पार्टियां बल्कि भारी संख्या में आम लोग भी द्रवि़ड क्रांति के जनक ईवीआर पेरियार का सम्मान करते हैं। पेरियार को राज्य में एक ऐसे समाजसेवी के रुप में जाना जाता है जिन्होंने जीवन भर राजनीति से दूरी बनाए रखा जबकि राज्य की कई पार्टियांे ने उनके लिए प्रमुख पदों की पेशकश की थी। इसलिए आम लोग भी इस ट्वीट की आलोचना कर रहे हैं।राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी द्रवि़ड मुनेत्र कषगम के कार्यकारी अध्यक्ष एमके स्टालिन ने भी इस ट्वीट को लेकर राजा पर निशाना साधा और कहा कि राजा को इस बयान के लिए गूंडा कानून के तहत गिरफ्तार किया जाना चाहिए। इसके साथ ही मरुमलरची द्रवि़ड मुनेत्र कषगम (एमडीएमके) के नेता वाइको ने कहा कि जातिगत भेदभाव को समाप्त करने वाले एक महान क्रांतिकारी के बारे मंे इस प्रकार के शब्दों का उपयोग करने वालों के खिलाफ क़डी कार्रवाई की जानी चाहिए। तमिल संगठन द्रवि़डार कषगम के नेता सुबा वीरापांडियान ने राजा को चुनौती दी है कि यदि उनमें हिम्मत है तो वह राज्य मंें कहीं भी पेरियार की प्रतिमा को छूकर दिखाएं। उन्होंने कहा कि किसी में इतनी हिम्मत नहीं है कि वह राज्य के महान क्रांतिकारी पेरियार की प्रतिमा को ढहा सके। मार्क्सवादी काम्युनिस्टा पार्टी की राज्य इकाई ने भी राजा के इस बयान की निंदा की है और कहा है कि उनके इस बयान से पता चलता है कि भाजपा राजनीति दुर्भावना से ग्रस्त होकर काम कर रही है और यह केवल अपने सिद्धांतों और नीतियों को लागू करने की कोशिश कर रही है।

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