कलबुर्गी। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के चुनाव प्रचार के तौर तरीकों पर पूर्व केंद्रीय मंत्री और लोकसभा में विपक्षी पार्टी कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने बुधवार को तग़डा हमला बोला। उन्होंने भाजपा नेताओं के इस दावे पर सवाल उठाया कि वह दलितों और पिछ़डों के घरों पर भोजन करते हैं, सोते हैं और दलितों के साथ ही रहते भी हैं। उन्होंने आज कलबुर्गी शहर में वाईफाई हॉट-स्पॉट के उद्घाटन के बाद एक समारोह को संबोधित करते हुए कहा, ’’क्या भाजपा नेताओं के दावों का अर्थ यह है कि दलित पापी हैं? भाजपा नेता लगातार यह कहते रहते हैं कि वह दलितों के घरों में उनके साथ ही भोजन करते हैं और उनके घरों पर रहते व सोते भी हैं।’’खरगे ने कहा, ’’हालांकि मेरा जन्म एक मलिन बस्ती में हुआ था लेकिन मैं आज एक खास मुकाम तक पहुंच चुका हूं्। भाजपा नेता दलितों के घरों पर भोजन करने के बारे में इस प्रकार से बात करते हैं, जैसे कि यह उनकी कोई बहुत ब़डी उपलब्धि हो। क्या दलित उन्हें जहर खिला देते हैं? दलित वही भोजन करवाते हैं जो अन्य सभी करते हैं और वही भोजन भाजपा नेताओं को भी करवाया जाता है। दलितों का खून भी लाल होता है।’’ खरगे ने भाजपा के दावों पर रोष जताते हुए कहा, ’’यह भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के लोग ही हैं, जो दलितों को अछूत मानते हैं्। जातिवाद और इस कुप्रथा को मानने वालों की वजह से ही आज दलितों की सामाजिक स्थिति खराब है। उन्हें आज भी पिछ़डा जीवन जीने को बाध्य होना प़ड रहा है।’’ उन्होंने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बीएस येड्डीयुरप्पा के एक बयान का हवाला दिया, जिसमें दावा किया गया था कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी यानी एआईसीसी के अध्यक्ष राहुल गांधी ने कोप्पल में मुर्गे का मांस खाया था। खरगे ने उनके दावे को सच्चाई से कोसों दूर बताया और आरोप लगाया कि भाजपा नेता झूठे बयान देने के मामले में विशेषज्ञ हैं्। उन्होंने राहुल गांधी पर मुर्गा खाने का आरोप सिर्फ इसलिए लगाया ताकि चुनाव के दौरान इसे एक मुद्दा बनाया जा सके।

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