बेंगलूरु/दक्षिण भारतराज्य में पर्यावरण को गंभीर रुप से प्रभावित करने वाले प्लास्टिक के उपयोग को कम करने के लिए कर्नाटक सरकार दैनिक जीवन में इस्तेमाल होने वाले कुछ प्लास्टिक उत्पादों पर पांच प्रतिशत अतिरिक्त कर लगाने पर विचार कर रही है। मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी ने मंगलवार को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर वन विभाग द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बातें कही। उन्होंने इस कार्यकम में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि ऐसे प्लास्टिक उत्पादों पर अतिरिक्त टैक्स न केवल पर्यावरण को बचाने में मदद करेगा बल्कि ग्रामीण इलाकों में स्थित कुटीर उद्योगों के लिए भी मददगार होगा। झ्द्भय्श्चप्द्यह्लय् द्बस्ख़य्र्‍ र्ह्वझ्य्ख्र द्धद्मय्द्मष्ठ प्य्ध्ष्ठ र्श्रह्ख् ब्ह्रख्ष्ठ झ्श्नह्ह्वफ्य्यब्त्रसरकार नारियल के रेसे से बैग जैसे उद्योगों को पर्यावरण मैत्री उत्पादों का उत्पादन करने के लिए प्रोत्साहन राशि भी देगी। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा विभिन्न उपायों को अपनाने के बावजूद, पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले उत्पादों को रोकना संभव नहीं हो सका है। हम इस संबंध में असफल रहे हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले उत्पादों के उपयोग को रोकने के लिए और अधिक कठोर कदमों को उठाने की आवश्यकता है क्योंकि प्लास्टिक जैसे उत्पाद कैंसर और अन्य बीमारियों जैसे स्वास्थ्य संबंधी खतरा पैदा कर रहे हैं।द्बस्फ्रूर्ङैं द्बष्ठ्र द्नर्‍ ब्रुृय् ्यप्यद्नस्त्रय् ·र्ैंय्द्भश्च·र्श्नैंद्बह्र ·र्ैंय् ृय्द्भह्ज्द्मविश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर महलांे के शहर मैसूरु मंें भी लोगों को प्रदूषण से बचाने और पर्यावरण संरक्षण के बारे में जागरुक करने के लिए कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। मंगलवार को शहर में आयोजित विश्व पर्यावरण दिवस कार्यक्रमों के दौरान लोगों को ‘ प्लास्टिक को अस्वीकार करें,जिसे आप दोबारा उपयोग नहीं कर सकते उससे इंकार करें और अधिक पौधे लगाएं और एक हरित विश्व का मार्ग प्रशस्त करें’’ का संदेश दिया गया। जिला प्रशासन, वन विभाग, स्वयं सेवी संस्थाओं और शैक्षिक संस्थानों ने इस अवसर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए।

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