चेन्नई। मुख्यमंत्री ईके पलानीस्वामी ने रविवार को शहर के ग्रीनवेज रोड पर बनाए गए पल्स पोलियो शिविर में कुछ बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाकर १४ वें विशेष पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान की शुरुआत की। मुख्यमंत्री ने इस अभियान की शुरुआत के समय उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर पोलियो उन्मूलन के लिए चलाए जाने वाले इस अभियान के तहत राज्य में ७१ लाख बच्चों को पल्स पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी। राजधानी चेन्नई में ७.०६ लाख बच्चों को पोलियो की खुराक दी जाएगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य मौजूदा समय में पोलियो से पूरी तरह से मुक्त हो चुका है। इस बीमारी को समाप्त करने के लिए पिछले १४ वर्षों से गंभीरतापूर्वक अभियान चलाने के कारण ऐसा हो सका है। उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत राज्य के ४३ हजार शिविरों में शून्य से पांच वर्ष तक की उम्र के बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी। इसके साथ ही सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, सरकारी अस्पतालों, आंगनबा़डी केन्द्रों, पोषक मध्याह्न भोजन केन्द्रों और स्कूलों तथा अन्य महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थानों पर बच्चों को पोलियो की खुराक देने के लिए शिविर लगाए जाएंगे।सभी शिविरों में सुबह सात बजे से लेकर शाम ५ बजे तक बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी। विभिन्न विभागों के सरकारी कर्मचारियों, रोटरी क्लब के सदस्यांे, आंगनबा़डी कर्मचारियों, नगर निगम के कर्मचारियों और विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं के स्वयंसेवकों को बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने के लिए काम पर लगाया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही है कि राज्य के सभी नवजात शिशु गंभीर रोगों से दूर रहें। इसके लिए पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता द्वारा कई योजनाएं शुरु की गई थी और मौजूदा सरकार उनके द्वारा नवजात शिशुओं और उनकी माताओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए शुरु की गई उन योजनाओं को जारी रख रही है।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य भर में प्रमुख बस स्टैंडों, रेलवे स्टेशनों, टॉल प्लाजों, चेकपोस्टों और हवाईअड्डों पर १६५२ पल्स पोलियो बूथ बनाए गए हैं। इसके साथ ही सूदरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों तथा जिन इलाकों में आसानी से नहीं पहुंचा जा सकता उन इलाकों में बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने के लिए १००० मोबाइल टीमों का गठन भी किया गया है। मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी लोगों से अनुरोध किया कि वह इस मौके का फायदा उठाएं और अपने शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चे को पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखने के लिए निकटतम पल्स पोलियो केन्द्र तक जाकर उन्हें पोलियो की खुराक पिलाएं।

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