बेंगलूरु। कर्नाटक मंत्रिमंडल ने गुरुवार को राज्य के लिए राष्ट्रीय तिरंगे से अलग राज्य ध्वज की डिजाइन को अपनी मंजूरी दे दी है। अगर केंद्र सरकार प्रस्तावित ’’नाड ध्वजा’’ को स्वीकृति दे देती है तो कर्नाटक अपना अलग झंडा इस्तेमाल करने वाला देश का पहला राज्य बन जाएगा। इस नए झंडे की डिजाइन राज्य सरकार द्वारा गठित एक समिति ने तैयार की है। मंत्रिमंडल की बैठक में इसे पारित किए जाने के बाद मुख्यमंत्री सिद्दरामैया ने आज कन्ऩड समर्थक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ अपने आवास कार्यालय ’’कृष्णा’’ में बैठक की। यह संगठन काफी लंबे समय से कर्नाटक के लिए अलग ध्वज की मांग कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने उन्हें नए ध्वज की डिजाइन दिखाने के साथ ही मंत्रिमंडल के फैसले की जानकारी दी। बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में सिद्दरामैया ने कहा कि मंत्रिमंडल के निर्णय के बाद अब राज्य के लिए अलग ध्वज का प्रस्ताव केंद्र सरकार की औपचारिक मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। केंद्र सरकार इस प्रस्ताव पर विचार करेगी। सिद्दरामैया ने पत्रकारों के एक प्रश्न के उत्तर में कहा, ’’भारतीय संविधान में कहीं भी राष्ट्रीय तिरंगे झंडे से अलग अपना ध्वज फहराने पर पाबंदी नहीं लगाई गई है। राज्य के लोग काफी लंबे अरसे से अपने अलग झंडे की मांग कर रहे थे। मंत्रिमंडल ने आज इस मांग को मंजूरी दे दी है।’’ उन्होंने बताया कि नाड ध्वज में तीन रंगों का इस्तेमाल किया जाएगा। सबसे ऊपर लाल रंग, बीच में सफेद और सबसे नीचे कर्नाटक का राजकीय रंग पीला होगा। बीच की सफेद पट्टी में राज्य का शासकीय निशान बनाया जाएगा। पत्रकार वार्ता में शामिल मशहूर कन्ऩड लेखक हं.पा. नागराजैया ने बताया कि पहले बीच की सफेद पट्टी में शासकीय निशान के साथ ही ’’सत्यमेव जयते’’ लिखने का प्रस्ताव रखा गया था लेकिन बाद में इस प्रस्ताव पर विचार नहीं किया गया क्योंकि जब झंडा हवा में फहरा रहा होगा, तब यह शास्त्रीय वाक्य प़ढा नहीं जा सकेगा और न ही दूर से लोगों को नजर आएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री की इस बात की पुष्टि की कि नाड ध्वजा की मांग काफी लंबे से की जाती रही थी। आज मंत्रिमंडल की बैठक में इसके प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया।

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