चेन्नई। द्रवि़ड मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक) ने लगता है राज्य के राजनीतिक हालात को देखते हुए विधानसभा में मुख्य विपक्षी पार्टी के तौर पर अपनी सकारात्मक भूमिका निभाने का निर्णय कर लिया है। पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष एमके स्टालिन और कुछ अन्य वरिष्ठ नेताओं ने मंगलवार को मुख्यमंत्री ईके पलानीस्वामी से मुलाकात कर उन्हें एक रिपोर्ट सौंपी। इस मौके पर उप मुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम और अन्य कई मंत्री भी उपस्थित थे। रिपोर्ट में नुकसान में चल रहे तमिलनाडु परिवहन निगम को नुकसान से उबारने के तरीके सुझाए गए हैं। यह रिपोर्ट द्रमुक नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री टीआर बालू की अध्यक्षता में गठित की गई द्रमुक की एक समिति ने तैयार की है। जानकारी के मुताबिक, समिति की प्रमुख सिफारिशों में परिवहन निगम को शासन के नियंत्रण में लेकर इसे दोबारा लाभ के दायरे में लाने के लिए फंड जारी करना शामिल है। रिपोर्ट में दलील दी गई है कि राज्य सरकार अपने बजट में सभी शासकीय विभागों के लिए वार्षिक फंड जारी करने की घोषणा करती है। परिवहन निगम के लिए भी इसी प्रकार से फंड जारी किया जाना चाहिए। रिपोर्ट में कहा गया है कि शासन को परिवहन निगम के कर्मचारियों की भविष्य निधि और पेंशन के पैसे उनके बैंक खातों में सीधा भेजने की व्यवस्था करनी चाहिए, न कि इस राशि का प्रयोग अन्य मदों पर की जानी चाहिए। रिपोर्ट में कहा गया है कि परिवहन निगम की तरफ से राज्य सरकार को ईंधन की कीमतों का बोझ वहन करना चाहिए। इसके साथ ही ईंधनों को जीएसटी के दायरे में लाना चाहिए, ताकि यह आबकारी शुल्क और वैट के दायरे से बाहर हो सके। इसका असर यह होगा कि तमिलनाडु में पेट्रोल ईंधनों की कीमत अन्य राज्यों से सस्ती हो सकेगी। वहीं, परिवहन निगम द्वारा हाल में सार्वजनिक परिवहन के किरायों में की गई ब़ढोत्तरी वापस लेने की सिफारिश भी द्रमुक द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट में शामिल है।

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