पुद्दुचेरी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि ऑरविल्ले ने एक अग्रणी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को ब़ढावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया है। मोदी यहां से निकट तमिलनाडु के विल्लीपुरम जिला के अंतरराष्ट्रीय शहर ऑरविल्ले के स्वर्ण जयंती समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि दुनिया को वर्षों से कई रूपों में ऑरोविल से सकारात्मक उर्जा प्राप्त हुए हैं तथा यहां अंतहीन शिक्षा, पर्यावरण पुनर्जनन, नवीकरण ऊर्जा, जैविक कृषि, उपयुक्त भवन निर्माण तकनीकों, जल प्रबंधन या कचरा प्रबंधन का बेहत्तर सिलसिला जारी है। उन्होंने कहा,‘श्री अरविंदो और माता को एक ब़डी श्रद्धांजलि होगी कि शिक्षा के लिए युवा मन की सेवा की जाय।‘ मोदी ने कहा कि भारत के आध्यात्मिक नेतृत्व की श्री अरविंदो के विचार आज भी हमें प्रेरित करते हैं। दरअसल ओरोविल उस दर्शन की एक अभिव्यक्ति है। पिछले पांच दशकों में, यह सामाजिक, सांस्कृतिक, शैक्षिक और आर्थिक और आध्यात्मिक नवाचार के केंद्र के रूप में उभरा है। प्रधानमंत्री ने कहा श्री अरविंदो को एक दार्शनिक और कवि बताते हुए कहा कि उनके विचारों का स्मरण रखना महत्वपूर्ण है।मोदी ने कहा कि युगों से भारत दुनिया का एक आध्यात्मिक गंतव्य रहा है। विश्व के कई महान संत यहां पैदा हुए। ऑरविल्ले विभिन्न इलाकों के लोगों को जीवन के सभी पहलुओं को दिन-प्रतिदिन के व्यवहार में आध्यात्मिक पथ लेने के लिए प्रेरित करता है। ऑरोविल्ले ने पुरुषों और महिलाओं को एक साथ लाया जो सीमाओं और पहचान से परे थे। उन्होंने कहा कि जब ऑरविल्ले की स्थापना हुई थी, तो विश्व में शीत युद्ध का माहौल था। उन्होंने याद दिलाते हुए कहा कि ऑरविल्ले के विचार ने व्यापार, यात्रा और संचार से दुनिया को एकीकृत किया। एक छोटे क्षेत्र में पूरे मानवता को विकसित करने के विचार से ऑरविल्ले की परिकल्पना की गयी थी। उन्होंने कहा कि ऑरविल्ले ने खुद को अंतहीन और जीवनकाल तक की शिक्षा के रूप में विकसित किया गया है। प्रधानमंत्री ने ‘ग्रोथ एंड ब्लॉसमिंग‘ नामक एक पुस्तक तथा ऑरविल्ले पर एक स्मारक डाक टिकट जारी किया। उन्होंने इस समारोह में ऑरविल्ले युवाओं के लिए तैयार ५० घरों के पहले क्लस्टर की कुंजी भी उन्हें सौंपी।

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