तिरुनेलवेली। हिन्द महासागर में पैदा हुए न्यून दबाव के कारण राज्य के तिरुनेलवेली और तुतीकोरीन जिले सहित अन्य दक्षिणी जिलों में मंगलवार की रात से लेकर बुधवार सुबह तक जारी रही भारी बारिश के बाद जन जीवन अस्त-व्यस्त हो गया। भारी बारिश के कारण जिला प्रशासन ने बुधवार को सभी स्कूलों में छुट्टी की घोषणा कर दी। हालांकि ग्यारहवीं बोर्ड की परीक्षा के समय में किसी प्रकार का परिवर्तन नहीं किया गया है। भारी बारिश के कारण शहर के कई निचले इलाकों में जलभराव की समस्या पैदा हो गई जिसके बाद बुधवार की सुबह शहर के कई इलाकों में लोगों को अपने दोपहिया वाहनों को पानी से निकालने मेंे संघर्ष करते देखा गया। मनोमणियम सुंदरनार विश्वविद्यालय ने अपने अधीन आने वाले तिरुनेलवेली, तुतीकोरीन और कन्याकुमारी जिलों के सभी कॉलेजों में एक दिन की छुट्टी की घोषणा कर दी। हालांकि विश्वविद्यालय ने अंतर स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों की परीक्षाएं समयानुसार लेने की घोषणा की है। विश्वविद्यालय की ओर से सभी कॉलेजों को इस बात की सूचना दे दी गई है। तिरुनेलवेली जिले में कई निजी स्कूलों ने भी भारी बारिश के मद्देनजर छुट्टी करने की घोषणा कर दी। तुतीकोरीन जिले में कई सरकारी स्कूलों में पानी भरने के बाद स्कूलों में छुट्टी घोषणा कर दी गई। इन स्कूलों से पंपिंग सेटों की मदद से पानी निकालने का कार्य शुरु कर दिया गया है। सूत्रों के अनुसार कन्याकुमारी जिले में अपेक्षाकृत कम बारिश होने के कारण स्कूलों में छुट्टी की घोषणा नहीं की गई। जिले में १८.२ एमएम की औसत बारिश हुई है। बारिश के कारण चेन्नई-तुतीकोरीन पर्ल सिटी एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनों के परिचालन में भी विलंब हुआ। कोर्टालम जल प्रपात के साथ ही दक्षिणी जिलों में स्थित सभी तीन जल प्रपातों के जल संग्रहण क्षेत्र में भारी बारिश होने के कारण जल प्रपात के आसपास जलस्तर बढ गया है। पर्यटकों को हिदायत दी गई है कि वह पानी मंें नहीं उतरें। इसके साथ ही जल प्रपात की जलधारा में बोटिंग पर भी अस्थायी तौर पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कोर्टालम पुराने जल प्रपात,मुख्य प्रपात और फाइव फॉल्स जल प्रपात के निकट पर्यटकों के नहाने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है।तुतीकोरीन जिले में सर्वाधिक २०० एमएम बारिश हुई है। भारी बारिश के मामले में दूसरे स्थान पर पापनाशम है जहां पर १९० एमएम बारिश रिकार्ड की गई है। तिरुनेलवेली में पिछले २४ घंटे के दौरान बुधवार सुबह आठ बजे तक ६२.१९ एमएम बारिश दर्ज की गई है। जहां बारिश होने के कारण आम लोगों को परेशानी हुई वहीं किसानों इस बारिश से प्रसन्न हैं। बारिश के कारण कई बांधों के जलस्तर में अचानक काफी बढोत्तरी हो गई है। पापनाशम स्थित बांध में सिर्फ पिछले चौबीस घंटों में पानी का स्तर बढकर ३२ फिट हो गया। किसानों का कहना है कि वह काफी दिनों से लोक निर्माण विभाग को सिंचाई के लिए पानी छो़डने की मां कर रहे थे अब इस बारिश के बाद बांधों का जलस्तर बढने के बाद उन्हें इस बात की उम्मीद है कि बांधों से सिंचाई के लिए पानी छो़डा जाएगा।

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