चेन्नई। राज्य के प्राथमिक शिक्षा मंत्री के संेंगोट्टैयन ने शुक्रवार को यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा कि राज्य में डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के लिए शुल्क निर्धारण करने के लिए गठित शुल्क निर्धारण समिति ने वर्ष २०१८-१९ के अकादमिक सत्र के लिए स्व वित्तपोषित पॉलिटेक्निक कॉलेजों और कैटरिंग कॉलेजों में डिप्लोमा पाठ्यक्रम के लिए शुल्क निर्धारित कर दिया है। पॉलीटेक्निक कॉलेजों में डिप्लोमा पाठ्यक्रम के लिए प्रति सेमेस्टर अधिकतम १५,००० रूपए का शुल्क और होटल मैनेजमेंट तथा कैटरिंग तकनीक में डिप्लोमा पाठ्यक्रम के लिए अधिकतम २५,००० रूपए प्रति सेमेस्टर का शुल्क निर्धारित किया है। उन्होंने कहा कि डिप्लोमा पाठ्यक्रमोंे के लिए शुल्क निर्धारण किए जाने के बाद अब स्व वित्तपोषित कॉलेजों द्वारा विद्यार्थियों से मनमानी फीस नहीं वसूली जा सकेगी। उन्होंने कहा कि राज्य के सरकारी और सरकारी अनुदान प्राप्त स्कूलों में दसवीं और बारहवीं कक्षा में पढने वाले छात्र-छात्राओं को ५००० रुपए का आर्थिक अनुदान दे रही है और सरकार के इन प्रयासों के कारण इस वर्ष बारहवीं की परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों की संख्या बढकर ५,४६,२३३ पहुंच गई है जबकि वर्ष २०१६-१७ में राज्य में बारहवींं की परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों की संख्या मात्र ५,११,०९० थी। मंत्री ने कहा कि राज्य की अखिल भारतीय अन्ना द्रवि़ड मुनेत्र कषगम(अन्नाद्रमुक)सरकार के प्रयासों के कारण प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च विद्यालयों में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों के प्रतिशत में वृद्धि हुई है वहीं स्कूली शिक्षा को बीच में ही छो़डने वाले विद्यार्थियों की संख्या काफी कम हुई है। उन्होंने बताया कि द्रमुक सरकार के कार्यकाल के दौरान वर्ष २०१०-११ के दौरान ११.२१ प्रतिशत बच्चों ने अपनी शिक्षा बीच में ही छो़ड दी थी कि जबकि उनके पिछले पांच वर्ष के कार्यकाल के दौरान मात्र ३.७६ प्रतिशत बच्चों ने ही स्कूली शिक्षा बीच में छो़डी है। उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से राज्य के सभी जिलों में विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति देने और आदि द्रवि़डार जनजाति से ताल्लुक रखने वाले विद्यार्थियों के लिए छात्रावास की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। एक प्रश्न के जवाब में उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग की ओर से उठाए गए कदमों के कारण राज्य में विधि व्यवस्था काफी अच्छी है। सेंगोट्टैयन ने कहा कि विपक्षी पार्टियों की ओर से राज्य सरकार के बारे मंें फैलाई जा रही बातों से सत्तारुढ पार्टी की कार्यशैली में कोई अंतर नहीं आएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पलानीस्वामी सभी क्षेत्रों के विकास पर और दिवंगत मुख्यमंत्री जयललिता के बताए गए कदमों पर चल रहे हैं। मुख्यमंत्री की ओर से हालिया मंत्रीमंडल में राज्य के अप्रमाणित भूखंडों को विनियमित करने के लिए नए नियमों को तैयार करने और इसके लागू करने के संबंध में लिए गए निर्णय सराहनीय है। इससे राज्य में अप्रमाणित भूखंडों को वैध तरीके से प्रमाणित करने का रास्ता खुलेगा तथा राज्य सरकार के राजस्व में भी वृद्धि होगी।

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